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जिले में दर्जनों इंग्लिश मीडियम स्कूल लेकिन नहीं है एक भी इंग्लिश मीडियम कॉलेज

12वीं के बाद इंग्लिश मीडियम से उच्च शिक्षा ग्रहण करने की जिले में नहीं है सुविधा


धमतरी। धमतरी जिले में शिक्षण सुविधाओं का विकास नहीं हो पाया है। यहां उच्च शिक्षा के नाम पर मात्र बीसीएस उच्चतर महाविद्यालय ही है। इसके अतिरिक्त कुछ कृषि महाविद्यालय और निजी छुटपुट कॉलेज है। बल्कि अनेक व्यवसायिक व इंजीनियरिंग कोर्स की पढ़ाई हेतु छात्र-छात्राओं को बड़े शहर जाना पड़ता है। पिछले कुछ वर्षो से इंग्लिश मीडियम वाले छात्र-छात्राओं की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। यहां कक्षा केजी से 12वीं तक इंग्लिश मीडियम की शिक्षा की पूरी व्यवस्था है लगभग दर्जन भर शासकीय स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल है। जहां हजारों बच्चे नि:शुल्क इंग्लिश मीडियम में शिक्षा ग्रहण कर रहे है। वहीं शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत भी हर साल कई इंग्लिश मीडियम स्कूलों में हजारों बच्चों का एडमिशन होता है जो कि 12वीं तक इंग्लिश मीडियम में ही शिक्षा ग्रहण करते है और जब वे 12वीं उत्तीर्ण कर कॉलेज में उच्च शिक्षा ग्रहण करने की सोचते है तब उनके समक्ष जिले में कोर्ई आप्शन ही नहीं होता है। क्योंकि जिले में शासकीय इंग्लिश मीडियम कॉलेज ही नहीं है। पिछले कुछ सालों से जब पूर्ववर्ती सरकार ने स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल खोले तब इसकी मांग और पुख्ता हुई पूर्व सीएम ने अगली बार जिले में इंग्लिश मीडियम कॉलेज खोलने का आश्वासन दिया था। लेकिन सत्ता पलट गई और इस साय सरकार ने न धमतरी जिले में बल्कि सम्पूर्ण प्रदेश में भी एक भी इंग्लिश मीडियम शासकीय कॉलेज की घोषणा नहीं की है। ऐसे में यदि किसी छात्र को इंग्लिश मीडियम में ही आगे की पढ़ाई जारी रखनी है तो उन्हें अन्य शहरों में व्यवसायिक व इंजीनियरिंग कोर्स चुनना पड़ेगा। जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि यदि 12वीं तक इंग्लिश मीडियम से शिक्षा शासकीय स्कूलो प्रदान की जा रही है तो आगे उच्च शिक्षा के लिए भी इंग्लिश मीडियम की शासकीय व्यवस्था हर जिले में होनी चाहिए। इंग्लिश मीडियम वाले विद्यार्थियों को अचानक हिन्दी मीडियम की शिक्षा ग्रहण करने से कई प्रकार की दिक्कते आते है। इसलिए कई विद्यार्थी आगे शिक्षा ही ग्रहण नहीं कर पाते।
सपना रह गया है मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज
पिछले कई वर्षो से शहर वासियों द्वारा मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज की मांग की जा रही है। इसके लिए शासकीय जिला अस्पताल को अपग्रेड भी किया जा सकता है। इससे जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा। वहीं शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज रुद्री को इंजीनियरिंग कॉलेज में अपग्रेड करने की मांग अब तक पूरी नहीं हुई है।

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