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जिले में कांग्रेस को मजबूती प्रदान करने सालों से जुटे है कई वरिष्ठ नेता

तीनो विधानसभा क्षेत्र में पद, सत्ता के मोह से परे सिर्फ कांग्रेस पार्टी की बेहतरी के लिए नि:स्वार्थ भाव से सक्रिय है कई नेता

कांग्रेस को जिले में सशक्त बनाने जमीनी कार्यकर्ताओं से लेकर वरिष्ठ नेताओं का रहा है योगदान

धमतरी। धमतरी जिले में तीन विधानसभा है और तीनों विधानसभाओं में कांग्रेस के कई ऐसे सिपाही है जो सालों, दशकों से पार्टी की सेवा नि:स्वार्थ भाव से कर रहे है। जमीनी कार्यकर्ताओं से लेकर वरिष्ठ नेताओं द्वारा कांग्रेस को जिले में सशक्त बनाने लगातार कार्य किया जा रहा है। वैसे तो कांग्रेस के पास सच्चें, सक्रिय, जुझारु, समर्पित सिपाहियों की फौज है। इनमें कुछ प्रमुख नेता विधायक ओंकार साहू, पीसीसी उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक गुरुमुख सिंह होरा, सिहावा विधायक अंबिका मरकाम, पीसीसी सं. सचिव पंकज महावर, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष शरद लोहाना, एआईसीसी के ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक व पूर्व विधायक लेखराम साहू, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष नीशु चन्द्राकर, पूर्व महापौर विजय देवांगन, पूर्व भखारा नगर पंचायत अध्यक्ष भरत नाहर, वरिष्ठ नेता विजय गोलछा, पूर्व कुरुद नगर पंचायत अध्यक्ष तपन चन्द्राकर व वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री लक्ष्मीकांता साहू शामिल है।
बता दे कि उक्त नेताओं द्वारा लगातार कांग्रेस पार्टी की सेवा की जा रही है। पार्टी द्वारा उन्हें जो पद व जिम्मेदारी दी गई उस पर पूरी गंभीरता से कार्य करते हुए उस जिम्मेदारी पर खरा उतरें। उक्त नेताओं सहित कई अन्य नेताओं द्वारा पद व सत्ता के मोह से परे होकर सिर्फ जिले में कांग्रेस को मजबूती प्रदान करने कार्य किया। जिले के तीनों अलग-अलग विधानसभाओं में कार्यकर्ता व नेताओं द्वारा कांग्रेस पार्टी को जोड़े रखा। पार्टी की रीति-नीति से जनता को अवगत कराया और जमीनी स्तर पर कार्य कर कांग्रेस को पंचायत से लेकर लोकसभा चुनाव तक मजबूत करने हर संभव प्रयास किया।
धमतरी विधानसभा में इसी के चलते कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में भाजपा की लहर के दौरान जीत मिली। साथ ही सिहावा विधानसभा में भी कांग्रेस का परचम लहराया। धमतरी नगरीय निकाय चुनाव के इतिहास में पहली बार धमतरी निकाय में कांग्रेस सत्ता में आई थी। जनपद व जिला पंचायत में भी कांग्रेस काबिज हुई थी। कुरुद नगर पंचायत चुनाव में भी कांग्रेस को सत्ता हासिल हुई थी। कुल मिलाकर कहा जाए तो यह कांग्रेस कार्यकर्ताओं व वरिष्ठ नेताओं के मेहनत का परिणाम रहा।
सालों तक विपक्ष में रहे लेकिन नहीं छोड़ा कांग्रेस का दामन
जिले में कांग्रेस के कुछ ऐसे नेता भी रहे है जिन्होने विपरीत परिस्थितियो में पार्टी का साथ छोड़ दिया और पद व सत्ता के लालच में पार्टी से बगावत कर चुनाव भी लड़े। और जब चुनाव में मुंह की खानी तो पुन: कांग्रेस में लौट आये। ऐसे नेताओं को पार्टी द्वारा समर्पित नेताओं के स्थान पर तवज्जो दिया जाता है तो समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल टुटता है। ऐसी परिस्थितियों के बाद भी कांग्रेस के उक्त नेता पार्टी से अलग नहीं हुए। और आज भी पूरी ईमानदारी व समर्पण भाव से पार्टी की सेवा में जुटे हुए है।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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