राजस्व मामलों में पंजीयन में लग रहा महीनों, अधिवक्ताओं ने लगाया अनियमितता का आरोप
कुरूद अनुविभाग के अधिवक्ताओं ने मांगो को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

कुरूद । अधिवक्ता संघ कुरूद द्वारा गुरूवार को भी संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांगों से अवगत कराया। गौरतलब है कि कुरूद अनुविभाग के अंतर्गत कुरूद, भखारा, मगरलोड तहसील करेली बड़ी व सिर्री उप तहसील में राजस्व न्यायालय की कार्यवाही की जाती है। जहां विगत कुछ वर्षों से अव्यवस्था का आलम है और कर्मचारियों द्वारा अनियमित्तापूर्वक कार्यवाही की जा रही है। पूर्व में अधिवक्ता संघ कुरूद द्वारा सात कार्यदिवस में व्यवस्था दुरूस्त करने की मांग प्रशासन से की थी। लेकिन मांग पूरी नहीं होने पर नवम्बर में संघ की बैठक बुलाई गई जिसमें कुरूद अनुविभाग के अंतर्गत राजस्व न्यायालय की कार्यवाही में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया गया। यह बहिष्कार आज दिनांक तक जारी है। अधिवक्ता संघ कुरूद के संरक्षक एलपी गोस्वामी, अध्यक्ष रमेश पांडेय, उपाध्यक्ष नरेश डिंगरे, ममता सोनकर, सचिव यशवंत साहू, सहसचिव श्यामशंकर चन्द्राकर, कोषाध्यक्ष महेन्द्र साहू, क्रीडा सचिव हेमंत निर्मलकर, ग्रंथालय प्रभारी राजेश साहू सहित कार्यकारिणी सदस्य एनेन्द्र साहू, सूरज प्रकाश लांबा, मनहरण सिंह भारद्वाज, विषेश्वर साहू, लोकेश दत्त भार्गव, नीतू तोड़ेकर, नरेंद्र साहू, गुणवन्त सोलंके, ओपी चंद्राकर, जयप्रकाश साहू, यजुवेन्द्र साहू, चूड़ामणि चंद्राकर, ओमेश साहू, टीआर सेन, ईश्वरी तारक, पूरन पटेल, गुलेश्वर साहू, धामु साहू, पुरुषोत्तम साहू, जीवराम ध्रुवसी, जीतेन्द्र तेलासी, हेमंत साहू, बलदाऊ साहू, अश्वनी चंद्राकर, देवी दयाल साहू, मगेंद्र साहू आदि ने बताया कि राजस्व मामलों का समय में पंजीयन नहीं किया जाता। पंजीयन किये जाने में महीनों का समय लग जाता है। फौजदारी मामलों में पक्षकारों को भ्रमित कर जानकारी दी जाती है। राजस्व मामलों में समय से पक्षकारों को नोटिस तामिल नहीं कराया जाता। साथ ही अभिलेख मांगने में बहुत समय लगाया जाता है। संघ ने यह भी बताया कि तहसील न्यायालयों में लंबे समय से कई कर्मचारी एक ही जगह पदस्थ है। जिससे कार्य प्रभावित हो रहा है। बहरहाल अधिवक्ता संघ कुरुद द्वारा राजस्व न्यायालय के अनिश्चित कालीन बहिष्कार और अधिवक्ता संघ कुरुद की मांगों के सम्बन्ध में अपर कलेक्टर धमतरी इंदिरा नवीन सिंह को ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया। मांग पूरी करने का उनके द्वारा आश्वासन दिया गया। संघ के अध्यक्ष ने बताया कि यह बहिष्कार राजस्व न्यायालय का बहिष्कार 11 नवंबर से किया जा रहा है जो निरंतर जारी है। उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री, राज्यपाल राजस्व मंत्री से मुलाकात कर मांगों से अवगत कराया जाएगा।

