देवी-देवताओं के आगमन के साथ राजाराव पठार में वीर मेला का शुभारंभ

धमतरी। राजाराव पठार कर्रेझर में आयोजित ऐतिहासिक वीर मेला का शुभारंभ देवी-देवताओं के पारंपरिक आगमन के साथ धूमधाम से हुआ। कंकालिन माई और राजाराव बाबा की अगुवाई में डांग, डोली, देव, सिरहा तथा पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ शोभायात्रा मेला स्थल पहुँची। सेवा-अर्जी अनुष्ठान के बाद औपचारिक रूप से मेला का आरंभ किया गया। मेला परिसर पूरे दिन सांस्कृतिक धुनों, पारंपरिक अनुष्ठानों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जीवंत बना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कोंडागांव की विधायक एवं बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लता उसेंडी तथा गोंड महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अकबर राम कोर्राम शामिल हुए। अतिथियों में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद नेताम, सोनमणी पोयाम, सुमेर नाग, जिलाध्यक्ष जीवराखन मरई, तुकाराम कोर्राम, कन्हैया उसेंडी, बीएस रावटे समेत समाज के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। मेला के दौरान युवा प्रभाग के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष परते के आतिथ्य में युवा सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने समाज और संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए। मुख्य अतिथि लता उसेंडी ने सामाजिक पुरोधाओं को नमन करते हुए कहा कि आदिवासी समाज सभ्यता की जननी है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति और परंपरा अनूठी है। सामाजिक समरसता को समझने के लिए आदिवासी जीवन और संस्कृति को समझना आवश्यक है। नई पीढ़ी के लिए यह मेला सीखने का महत्वपूर्ण स्थल है। वीर सिंह जी की शहादत देश की स्वतंत्रता और संस्कृति की रक्षा का बड़ा उदाहरण है। राजाराव पठार आने वाले समय में और भी भव्य रूप लेगा। अकबर राम कोर्राम ने मेला आयोजन की सराहना करते हुए समाजिक एकता और सांस्कृतिक संरक्षण पर जोर दिया। युवा प्रभाग के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष परते ने युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने और समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष यूआर गंगराले सहित पूर्व विधायक ब्रम्हानंद नेताम, विनोद नागवंशी, प्रवीण ध्रुव, प्रेमलाल कुंजाम, खिलेंद्र पडोटी, ललित कावरे, रामेश्वर मरकाम, बंटी मरकाम, दिग्विजय सिंह ध्रुव, मंजू प्रभाकर, बंसतीबला भेडिय़ा आदि उपस्थित रहे।


