धमतरी की बेटी ने जयपुर में ग्रहण की जैन दीक्षा

धमतरी। जयपुर नगरी राजस्थान में धमतरी छत्तीसगढ़ की बेटी ने जैन धर्म की दीक्षा ग्रहण कर अपने जीवन को सफल बना लिया.जैन धर्म में दीक्षा का अमूल्य प्रभाव है, दीक्षा ग्रहण करने के बाद अनेक नियमों से साधु संतों को रहना पड़ता है, पैदल चलना जीवन का मुख्य दह होता है, उपवास , एकासना, नि वि, जैसे अनेक व्रत के बंधन में रहना पड़ता है, रात्रि भोजन तो होता ही नहीं, जैसे अनेक कार्यों का त्याग जीवन भर करना पड़ता है, चातुर्मास हेतु दूरस्थ अंचलों में जाना पड़ता है,, ठंड हो बरसात हो छांव हो या,धूप हो सबको अपने जीवन कठिन से कठिन अवसर हो जीवन में सबको सहना पड़ता है, हजारों किलोमीटर हो चाहे सैकड़ो हो पैदल ही चलना है, यह दीक्षा का बड़ा महत्व होता है , इसे अंगीकार किया है भिलाई नगर निवासी चंदा बहन जिनकी अनेक वर्षों से गुरुवारिया श्री, मनीप्रभा जी महाराज साहब के मिश्रा में रहकर ज्ञान , ध्यान अर्जन किया अनेक शास्त्रों का अपने जीवन में कंठस्थ किया और आज भी जब दीक्षा की पात्र हो गई तो गुरुवर श्री मणि प्रभा जी महाराज साहब ने उनको अपना शिष्य बनाया हजारों लोगों की साक्षी में उन्हें आज प्रात: जयपुर राजस्थान में शुभ मुहूर्त में जय-जय कर के मध्य दीक्षा प्रदान की गई.अनेक प्रमुख साध्वियों के जी के के बीच में चंदा बहन का नाम दीक्षा के बाद चिंतन निधि जी महाराज साहब रखा गया है।

