निगम पर मूलभूत सुविधाओं की बदहाली, चरमराई प्रशासनिक व्यवस्था व भ्रष्टाचार के आरोप लगा कांग्रेसी पार्षदो ने शुरु किया सात दिवसीय धरना

धमतरी। नगर निगम के चरमराई प्रशासनिक व्यवस्था, बुनियादी मूलभूत सुविधा एवं भ्रष्टाचार के विरोध में विपक्षी कांग्रेस पार्षदो द्वारा आज सात दिवसीय धरना प्रदर्शन नगर निगम परिसर के सामने शुरु किया गया। कांग्रेसियों ने इस दौरान कहा कि 19 नवम्बर से आयुक्त विहिन नगर पालिक निगम में प्राशसनिक कार्य बाधित हो रहे है। प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त की राशि नही मिलने से हितग्राहियों को परेशानी हो रही है। साथ ही नये स्वीकृति पर भी रोक लग गई है। बुनियादी मूलभूत सुविधाओं चरमराई हुई है। जर्जर सड़कों से जनता परेशान है। पेयजल, सफाई व्यवस्था बदहाल है। उक्त सुविधाओं को दिलाने में महापौर नाकाम साबित हुए है। रेलवे प्रभावितो के पुनस्र्थापना की व्यवस्था नहीं की जा रही है। सामान्य सभा की बैठक से महापौर व सत्ता पक्ष भाग रही है। शहर के चालीस वार्ड में विकास कार्य ठप्प हो चुके है। कांग्रेसी पार्षदो ने आगे कहा कि निगम कर्मचारियों को समय पर वेतन दिया जाना चाहिए। भ्रष्टाचार की जाँच कर उचित कार्यवाही होनी चाहिए। डीजल, पेट्रोल घोटाला, डम्पर, गुणवत्ता विहिन रिक्शा खरीदी आदि घोटालों की जांच निष्पक्ष रुप में होनी चाहिए। प्रधानमंत्री आवास योजना में लेन-देन व टेंडरों में हेराफेरी के आरोप भी लगते रहे है। इसकी सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। धरना प्रदर्शन में प्रमुख रुप में नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर, उपनेता प्रतिपक्ष सत्येन्द्र देवांगन (विशु), पार्षद योगेश लाल, सूरज गहरवाल, सुमन मेश्राम, पूर्णिमा रजक, उमा भागी ध्रुव, रामेश्वरी कासरे, शहर ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष आकाश गोलछा, पूर्व पार्षद राजेश ठाकुर, राजेश पाण्डेय सहित अन्य कांग्रेसी शामिल रहे।
