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दान, पुण्य एवं पारंपरिक मान्यताओं का पर्व छेर छेरा पुन्नी की निगम लोकनिर्माण विभाग सभापति ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं

ग्रामीण संस्कृति हैं हमारी पहचान,इसे सहेज कर आगे बढ़ाना है नैतिक जिम्मेदारी -: विजय मोटवानी


धमतरी। किसानों के द्वारा खेतों से अपनी फसल की कटाई के बाद मिजाई करके जब उसे कोठी में सहज लेते थे तब पूस माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को छेर छेरा पुन्नी के रूप में मनाने की पौराणिक कालिक मान्यता दीर्घकाल से चली आ रही है और यही पर्व पर नगर निगम के लोक निर्माण विभाग सभापति विजय मोटवानी द्वारा क्षेत्र वासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि दान एवं पुण्य हमारी परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है यही सार्थक संदेश को अपने में समाया हुआ छेर छेरा पुन्नी का पर्व सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे संतु निरामय: का संदेश देकर सभी को समझ में एक दूसरे का सहयोग करते हुए मिलजुल कर आगे बढ़ाने की बात कहता है और यही से हमारा राज्य एवं राष्ट्र की मजबूती की भी नीव पड़ती है इसलिए। सभी मिलजुल कर एक साथ तीज त्यौहार एवं पर्व के सार्थकता को सिद्ध करें।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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