लौकिक के साथ पारलौकिक उत्कर्ष की कथा है श्रीमद्भागवत -:पं.राजेश शर्मा
मिश्रा परिवार द्वारा आयोजित भागवत कथा में धर्मप्रेमी एवं जनप्रतिनिधि गण पहुंचकर व्यासपीठ से लिए आशिर्वाद

धमतरी। मिश्रा परिवार शिव चौक द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिवस भगवान कृष्ण के विवाह के साथ ही सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनते हुए व्यास पीठ से पंडित रमेश तिवारी ने समाज जनों से आग्रह किया कि हम सभी को गौ माता, गीता गंगा तथा धर्म ग्रंथ को अपने जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनना है और इसे ही मानव जीवन का मोक्ष संभव हो सके वही कथा श्रवण करने के लिए पहुंचे शहर के धर्म प्रेमी एवं समाज से भी पंडित राजेश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि आदमी अपने जीवनकाल को सुखी बनाने के लिए इस भागम भाग जीवन में अनेक रास्ते को अख्तियार करता है लेकिन सच्चा मार्ग धर्म का है और इसी से लौकिक जीवन के साथ-साथ पारलौकिक जीवन का भी उत्कर्ष होता है इसलिए कथा श्रवण के साथ-साथ दूसरों को भी ऐसे धार्मिक कार्यों से जोड़कर अपने जीवन को कृतार्थ करें। उक्त अवसर पर प्रमुख रूपसे राजेंद्र शर्मा, पाषर्द गण पिंटू यादव, , प्रकाश पाण्डेय प्रमुख रूप से उपस्थित रहे कथा का आयोजक परिवार में श्रीमती लता मिश्रा, श्रीमती इंदू अंबिका प्रसाद मिश्रा, श्रीमती शोभा, ओम प्रकाश मिश्रा ,रवि कुमार मिश्रा ,कविता ,आशीष मिश्रा, अनीश मिश्रा, सरिता ,सतीश कुमार मिश्रा शामिल है।