मनरेगा बचाव संग्राम के तहत गांधी मैदान में कांग्रेसियों ने उपवास सत्याग्रह कर किया विरोध प्रगट
गांधी टोपी लगाकर कांग्रेसियों ने मनरेगा कानून में बदलाव का किया पुरजोर विरोध

धमतरी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस द्वारा आज मनरेगा बचाव संग्राम के तहत गांधी मैदान में उपवास सत्याग्रह कर प्रतिकात्मक विरोध प्रगट किया गया।
कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान कहा कि मनरेगा कानून में परिवर्तन मोदी सरकार का श्रमिक विरोधी कदम है। यह महात्मा गांधी के आदर्शो पर कुठराघात है, यह मजदूरो के अधिकारो को सीमित करने वाला निर्णय है, अब तक, मनरेगा संविधान के आर्टिकल 21 से मिलने वाली अधिकारों पर आधारित गारंटी थी। नया फ्रेमवर्क ने इसे एक कंडीशनल, केंद्र द्वारा कंट्रोल की जाने वाली स्कीम में बदल दिया है।मनरेगा गांधी जी के ग्राम स्वराज, काम की गरिमा और डिसेंट्रलाइज्ड डेवलपमेंट के सपने का जीता-जागता उदाहरण था, लेकिन इस सरकार ने न सिर्फ उनका नाम हटा दिया है, बल्कि 12 करोड़ मनरेगा मज़दूरों के अधिकारों को भी बेरहमी से कुचला है। दो दशकों से, मनरेगा करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए लाइफलाइन रहा है। मनरेगा के तहत, सरकारी ऑर्डर से कभी काम नहीं रोका गया। नया सिस्टम हर साल तय टाइम के लिए जबरदस्ती रोजग़ार बंद करने की इजाजत देता है, जिससे राज्य यह तय कर सकता है कि गरीब कब कमा सकते हैं और कब उन्हें भूखा रहना होगा। एक बार फंड खत्म हो जाने पर, या फसल के मौसम में, मज़दूरों को महीनों तक रोजग़ार से दूर रखा जा सकता है। मनरेगा योजना देश के गरीब से गरीब लोगों के लिए रोजगार का सहारा थी, जो कोरोना जैसे मुश्किल हालातों में भी उनके साथ थी। इसलिए ये बिल गरीब मजदूरों के खिलाफ है।100 दिन से 125 दिन की मजदूरी वाली बात सिर्फ एक चालाकी है, वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 70 प्रतिशत गांव में भाजपा की सरकार आने के बाद से अघोषित तौर पर काम नहीं दिया जा रहा है। पिछले 11 सालो में मोदी सरकार बनने के बाद मनरेगा में काम देने का राष्ट्रीय औसत मात्र 38 दिनों का है। मतलब 11 सालो में मोदी सरकार किसी भी साल 100 दिन काम नहीं दे पाई। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष तारिणी चन्द्राकर, पूर्व विधायक लेखराम साहू, विजय प्रकाश जैन, मोहन लालवानी, अरविंद दोशी, गोपाल शर्मा, आनंद पवार, शहर ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष आकाश गोलछा, योगेश शर्मा, दीपक सोनकर, गुरुगोपाल गोस्वामी, आशुतोष खरे, हरमिंदर छाबड़ा, विक्रांत पवार, राजेश पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी उपस्थित रहे।

