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बाघ गणना 2026 को लेकर वन कर्मचारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण

ट्रेल सर्वे एवं कैमरा ट्रैप विधि की दी गई विस्तृत जानकारी

धमतरी- अखिल भारतीय बाघ आकलन 2026 के अंतर्गत जिले में बाघ गणना की तैयारियाँ तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में वन विभाग के मैदानी अमले को बाघ गणना हेतु विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम वनमंडल धमतरी के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें संयुक्त वनमंडलाधिकारी, समस्त उपवनमंडलाधिकारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी, परिक्षेत्र सहायक, बीट गार्ड सहित अन्य मैदानी कर्मचारियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान बाघ गणना की दोनों प्रमुख विधियों—ट्रेल सर्वे पद्धति एवं कैमरा ट्रैप विधि—की विस्तृत जानकारी दी गई।अधिकारियों द्वारा बताया गया कि ट्रेल सर्वे पद्धति के अंतर्गत बाघ एवं अन्य वन्यप्राणियों के पदचिन्ह, मल, खरोंच के निशान एवं अन्य प्राकृतिक संकेतों के आधार पर आंकलन किया जाता है, जबकि कैमरा ट्रैप विधि में निर्धारित स्थलों एवं दूरी पर कैमरे स्थापित कर वन्यप्राणियों की गतिविधियों का वैज्ञानिक ढंग से आंकलन किया जाता है। इसके साथ ही शाकाहारी वन्यप्राणियों की गणना तथा उनके आवास क्षेत्र के मूल्यांकन की विधियों पर भी प्रकाश डाला गया।प्रशिक्षण के दौरान डीएफओ धमतरी डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव द्वारा मैदानी कर्मचारियों को मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन डेटा अपलोड करने, सूचनाओं को सटीक एवं सुरक्षित रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि बाघ संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण की दृष्टि से यह गणना अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतः सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी सतर्कता, जिम्मेदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करें।उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय बाघ आकलन के माध्यम से बाघों की संख्या, उनके आवास एवं संरक्षण की स्थिति का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाता है, जिससे भविष्य की संरक्षण रणनीतियाँ तय की जाती हैं।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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