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बच्चे बाइक – स्कूटी से पहुंच रहे स्कूल और ट्यूशन, बढ़ी हादसे की आंशका

बिना हेलमेट, ट्रिपल सवारी, एक साथ चलने सहित अन्य यातायात नियमों का रोजाना करते है उल्लंघन

चार दिन पूर्व रायपुर में स्कूटी से स्कूल जा रहे भाई-बहन हुए थे दुर्घटनाग्रस्त, 14 वर्षीय बच्चे की हुई थी दर्दनांक मौत

धमतरी। आए दिन नाबालिग बच्चों के सड़क हादसे की सूचनाएं मिलती रहती है। इनमें ज्यादातर हादसो का कारण यातायात नियमो ंका पालन नहीं होता। यदि इस ओर स्कूल प्रबंधन, पालक व यातायात पुलिस ध्यान दे तो बच्चें ऐसे सड़क हादसो में घायल व मौत के मुंह में नहीं समाएंगे।
ज्ञात हो कि 6 फरवरी की सुबह रायपुर में 14 वर्षीय भाई अपनी 8 वर्षीय बहन के साथ स्कूटी से स्कूल जा रहा था तभी यातायात पुलिस की टोइंग वाहन की चपेट में आने से दुर्घटना ग्रस्त हो गए। जिसमें 14 वर्षीय बच्चें की मौत हो गई। बहन गंभीर रुप से घायल हो गई। उक्त परिवार मूलत: धमतरी निवासी रहे है। ऐसे में बच्चें के निधन से धमतरी में भी शोक की लहर रही। उक्त हादसे के बाद एक बार फिर लोगो में चर्चा हो रही है कि ऐसे सड़क हादसो में असमय बच्चों की मौत को रोकने के ठोस उपाय होने चाहिए। इनमें सबसे प्रमुख बच्चों द्वारा यातायात नियमों का पालन सबसे महत्वपूर्ण है।
लंबे समय से बच्चे बाइक व स्कूटी चलाकर स्कूल व ट्यूशन पहुंचते है। बच्चों को इस प्रकार वाहन चलाने देना नियम विरुद्ध है। दुपहिया वाहन चलाने के दौरान उनके द्वारा यातायात नियमों का पालन भी नहीं किया जाता बच्चें ट्रिपल सवारी, बिना हेलमेट के चलते है। साथ ही कई बार स्कूल आते-जाते हुए दोस्तो से बाते करते एक साथ दुपहिया चलाते है। ऐसे में हादसे की आंशका और बढ़ जाती है। उक्त हादसे को रोकने स्कूल प्रबंधन पालक व यातायात पुलिस की सबसे अहम भूमिका है, लेकिन इस भूमिका में वे खरे नहीं उतर रहे है। पूर्व में धमतरी सहित प्रदेश भर में ऐसे कई हादसे हो चुके है जिनमें स्कूली बच्चों अपनी जान गवां चुके है. व कई गंभीर रुप से घायल हो चुके है। बाउजूद इसके इस जानलेवा लापरवाही पर ध्यान हीं दिया जा रहा है।
सख्ती से सुधर सकती है व्यवस्था
ऐसे हादसों से स्कूली बच्चों को बचाने सख्ती की आवश्यकता महसूस हो रही है। यदि पालक बच्चों को दुपहिया वाहन न देे तो इसमें रोक लग सकती है साथ ही स्कूल प्रबंधन दुपहिया चलाते स्कूल आने वाले बच्चों पर सख्ती करते हुए एंट्री बैन करे तो भी व्यवस्था में सुधार आ सकता है। साथ ही यातायात पुलिस जांच कार्यवाही करें तो भी दबाव बन सकता है।

”स्कूली बच्चों द्वारा स्वयं दुपहिया वाहन चलाते हुए स्कूल आने-जाने के दौरान दुर्घटना के खतरे को देखते हुए शिक्षा विभाग को इस ओर रोक लगाने निर्देशित किया जाएगा। ÓÓ
अबिनाश मिश्रा
कलेक्टर जिला धमतरी

”यातायात पुलिस द्वारा स्कूलो में यातायात नियमो ंका पालन की सीख देने व बच्चों को जागरुक करने कई कार्यक्रम किये गए है साथ ही बच्चों को वाहन न देने पालकों से अपील भी की जा चुकी है। आगे भी इस दिशा में सतत् प्रयास किया जाएगा।ÓÓ
खेमराज साहू
प्रभारी यातायात शाखा धमतरी

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