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धान खरीदी में धमतरी जिले की ऐतिहासिक उपलब्धि : 1 लाख 24463 किसानों से खरीदा गया 59 लाख 64994 क्विंटल धान, किसानों को लगभग 1300 करोड़ का भुगतान

धमतरी जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अन्तर्गत बेहतर सुविधाओं और व्यवस्थाओं के साथ की गई समर्थन मूल्य पर सभी 100 केन्द्रो में धान खरीदी

धान उपार्जन की अवधि में दो दिनों की वृद्धि किए जाने से किसानों को मिली बड़ी राहत

धमतरी. धमतरी जिले सहित पूरे प्रदेश में 1 नवम्बर 2025 से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारंभ हुई। जो कि 31 जनवरी 2026 तक लगभग ढाई महीने निर्बाध रुप से जारी रहा। इस दौरान जिले के अधिकांश पंजीकृत किसानों ने समर्थन मूल्य पर शासन को अपना उपज बेचा। और समय पर किसानों को भुगतान भी किया गया। जिससे उनके चेहरे पर मुस्कान बिखरी और जिले के अन्नदाताओं ने साय सरकार को साधुवाद दिया।
मिली जानकारी के अनुसार धमतरी जिले में खरीफ विपणन वर्ष के अंतर्गत धान उपार्जन कार्य निरंतर प्रगति पर रहा। जिले के सभी 100 केन्द्रो में इस बार कुल एक लाख 29593 किसानों ने धान बेचने पंजीयन कराया था। जिनमें से 1,24,463 किसानों ने 59 लाख 64994 क्विंटल धान की खरीदी की गई। इसमें से 35 लाख 93183 क्विंटल धान का उठाव पूर्ण हो चुका है, जबकि 23 लाख 71811 क्विंटल धान का उठाव शेष है, जिसे शीघ्र पूर्ण करने की कार्ययोजना बनाई गई है। वहीं जिले में कुल 1 लाख 1748 किसानों से 6,936 हेक्टेयर रकबा समर्पण कराया गया है, जो प्रशासन और किसानों के बेहतर समन्वय को दर्शाता है। किसानों को लगभग 1300 करोड़ का भुगतान किया गया। 31 जनवरी के पश्चात कुल किसान जो धान बेचने से वंचित रह गए थे उनके लिए राज्य शासन द्वारा धान उपार्जन की अवधि में दो दिनों की वृद्धि किए जाने से किसानों को बड़ी राहत मिली। अतिरिक्त समय मिलने से टोकन कटाने, परिवहन और बिक्री की प्रक्रिया और अधिक सुचारु हुई।
होली से पूर्व सभी किसानो ंको मिलेगी अंतर की 434 करोड़ की राशि
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय केबिनेट की बैठक में हाल ही में कई अहम निर्णय लिये गये जिनमें समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानो ंको होली के पूर्व अंतर की शेष राशि बोनस के रुप में देने का निर्णय लिया गया जिससे किसानो ंमें हर्ष का माहौल है। बता दे कि जिले के 1 लाख 24 हजार 463 किसानों को समर्थन मूल्य के अंतर की राशि (बोनस) होली के पहले मिलेगी। जिले के किसानों को करीब 4 अरब 34 करोड़ 77 लाख रुपए का भुगतान होगा। जिले में समर्थन मूल्य पर कुल 59 लाख 64 हजार 994 क्विंटल धान खरीदा गया था। इसमें मोटा धान 26 लाख 61 हजार 415 क्विंटल, सरना धान 26 लाख 69 हजार 37 क्विंटल तथा पतला धान 6 लाख 34 हजार 541 क्विंटल धान खरीदा गया। राज्य सरकार ने 3100 रुपए समर्थन मूल्य में प्रति क्विंटल धान शामिल है। केन्द्र सरकार ने मोटा धान का 2369 रुपए, पतला धान का 2389 रुपए तथा सरना धान का 2369 रुपए समर्थन मूल्य घोषित किया है। चुनावी घोषणा के चलते भाजपा के साय सरकार ने किसानों का धान 3100 रुपए समर्थन मूल्य में खरीदा। धान खरीदी के बाद अब किसानों को अंतर की राशि अर्थात बोनस का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है।
लगभग 96 प्रतिशत अन्नदाताओं ने बेचा धान, अवैध धान पर रही पैनी नजर
धमतरी जिले में खरीफ सीजन में धान बेचने के लिए कुल 1 लाख 29 हजार 593 किसानों ने पंजीयन कराया था, जिसमें से 1 लाख 24 हजार 463 किसानों ने अपना धान बेचा। पंजीयन के बाद कुछ किसानों ने अपना रकबा समर्पण कर दिया। इस तरह पंजीयन के बाद धान बेचने 5130 किसान सोसाइटी ही नहीं पहुंचे। उचित किसानों को धान बेचने में कोई परेशानी न हो और उनका हक ना मार पाये इसलिए प्रशासन द्वारा पैनी नजर रखी गई। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा स्वयं निरीक्षण पर निकले, उडऩदस्ता व अधिकारियों की टीम भी लगातार जांच कार्रवाई करती रही।
उठाव व कस्टम मीलिंग की अच्छी स्थिति
1,24,463 किसानों ने 59 लाख 64994 क्विंटल धान की खरीदी की गई। इसमें से 35 लाख 93183 क्विंटल धान का उठाव पूर्ण हो चुका है, जबकि 23 लाख 71811 क्विंटल धान का उठाव शेष है। मिलर्स द्वारा जमा प्रतिभूति राशि 507.69 करोड़ रुपये है। जिला विपणन अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार नागरिक आपूर्ति निगम धमतरी में 99.05 प्रतिशत तथा भारतीय खाद्य निगम धमतरी में 78.38 प्रतिशत चावल जमा किया जा चुका है। शेष चावल शीघ्र जमा कराने हेतु संबंधित मिलर्स को निर्देशित किया गया।
कलेक्टर के मार्गदर्शन में रही बेहतर व्यवस्था, पूरी प्रशासनिक टीम रही मुस्तैद
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में जिले में धान खरीदी के बाद अब उठाव कार्य को प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर खरीदी के दौरान पूरा प्रशासनिक अमला मुस्तैद रहा। किसानों ने भी प्रशासनिक व्यवस्था की सराहना की। अनेक किसानों ने कहा कि अवधि बढऩे से हमें धान बेचने में सहूलियत मिली है। टोकन, भुगतान और खरीदी की व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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