तर्रागोंदी में 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ संपन्न, संस्कारों के माध्यम से गढ़ा गया उज्ज्वल भविष्य

धमतरी. अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के तत्वावधान में ग्राम तर्रागोंदी में आयोजित चार दिवसीय अखंड ज्योति शताब्दी वर्ष एवं शक्ति संवर्धन 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ व प्रज्ञा पुराण कथा का भव्य समापन हुआ। परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य एवं माता भगवती देवी शर्मा के सूक्ष्म संरक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। मां गायत्री की महिमा का हुआ बखान शांतिकुंज प्रतिनिधि और प्रज्ञा पुत्र भोलेश्वर कुमार ने कथा के माध्यम से आदिशक्ति मां गायत्री और देवमाता के स्वरूप पर प्रकाश डाला। प्रथम दिवस भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति शामिल हुईं। द्वितीय दिवस प्रज्ञा पुराण कथा के माध्यम से नैतिक मूल्यों और जीवन जीने की कला की सीख दी गई। तृतीय दिवस सतयुग की पूजन पद्धति और देव संस्कृति के सरल स्वरूप पर चर्चा की गई। अंतिम दिवस महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ विभिन्न संस्कारों का नि:शुल्क संपादन किया गया। अंतिम दिन कुल 57 संस्कार संपन्न हुए, जिनमें मुख्य रूप से 24 दीक्षा संस्कार, 15 मुंडन संस्कार, 11 विद्यारंभ संस्कार, 5 गर्भ (पुंसवन) संस्कार, 2 अन्नप्राशन संस्कार हुए। प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ के कौशल साहू ने जानकारी दी कि इस आयोजन में जगदेही, सिलौटी, सिलघाट, टीपानी, निपानी, मंडेली, सिलीडीह, कोर्रा, हंचलपुर और धमतरी से श्रद्धालु पहुंचे थे। कार्यक्रम में प्रांतीय जिला संगठन से श्रीमती लक्ष्मी साहू, अनिल गजपाल, श्रीमती त्रिवेणी गजपाल, माखान लाल और सुभाषनी साहू विशेष रूप से उपस्थित रहीं। मंच संचालन संतराम निषाद ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मानसिंह, गितेश्वर, हेमलाल सहित स्थानीय प्रज्ञा मंडल के सभी परिजनों का सराहनीय योगदान रहा।