स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में सराहनीय पहल:चंदनपुर में स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर आयोजित

धमतरी-जिले के नगरीय एवं ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की सुलभता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज अवनीति एजुकेशन ट्रेनिंग फाउंडेशन द्वारा डोकाल पंचायत अंतर्गत ग्राम चंदनपुर में स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय सहभागिता रही, जिससे ग्रामीणों को समग्र स्वास्थ्य सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकीं।ग्राम चंदनपुर, जहां कमार जनजाति सहित अन्य आदिवासी समुदायों की बहुलता है, को विशेष प्राथमिकता देते हुए इस शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पीएम जनमन वाहन के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गईं, जिससे ग्रामीणों को त्वरित जांच एवं उपचार की सुविधा मिली।शिविर में जिला स्तर से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एल. कौशिक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. प्रिया कंवर सहित स्वास्थ्य विभाग के बीएमओ, बीपीएम तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधियों की भी सक्रिय भागीदारी रही।स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान पीएम जनमन टीम द्वारा कुल 23 हितग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा 10 पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। इसके साथ ही संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 20 व्यक्तियों का पंजीयन कर आवश्यक परामर्श एवं उपचार की दिशा में कदम उठाए गए।शिविर के दौरान आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा ग्रामीणों को स्वच्छता, पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण तथा संचारी एवं गैर-संचारी रोगों की रोकथाम संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। साथ ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं—जैसे आयुष्मान भारत योजना, पोषण अभियान एवं महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों की जानकारी भी विस्तार से साझा की गई।अवनीति एजुकेशन ट्रेनिंग फाउंडेशन द्वारा सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए किशोर बालिकाओं एवं महिलाओं को माहवारी स्वच्छता किट वितरित की गई। इसके अतिरिक्त बच्चों को इलेक्ट्रॉनिक स्लेट, सेनेटाइजर एवं साबुन का वितरण कर स्वच्छता एवं शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया।यह शिविर न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुआ, बल्कि ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने और शासन की योजनाओं से जोड़ने की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में उभरा। जिला प्रशासन ने इस प्रकार के प्रयासों को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया है, ताकि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।

