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कुरुद की नेहा साहू के सपनों को मिला इसरो का आधार

अंतरिक्ष की गहराइयों में छत्तीसगढ़ की बेटी रचेगी नया इतिहास


कुरुद। कहते हैं कि प्रतिभा संसाधनों की नहीं, संकल्पों की मोहताज होती है। इस कहावत को धरातल पर सच कर दिखाया है कुरुद की होनहार बेटी नेहा साहू ने। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के प्रतिष्ठित युविका-2026 कार्यक्रम में चयनित होकर नेहा ने न केवल धमतरी जिले का मान बढ़ाया है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि छत्तीसगढ़ के छोटे कस्बों में भी वैश्विक स्तर के वैज्ञानिक बनने का जूनून है। ?कुरुद की माटी की सोंधी महक अब अंतरिक्ष के गलियारों में गूँजने को तैयार है। जब देश के चुनिंदा मेधावियों की सूची में पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय की छात्रा नेहा साहू का नाम दर्ज हुआ, तो यह महज एक छात्र का चयन नहीं था ब?ल्कि यह छत्तीसगढ़ की उस नई पीढ़ी के आत्मविश्वास की जीत थी, जो अब धरती की सीमाओं को लांघकर अंबर को अपनी मु_ी में करने का सपना देख रही है। ?विशेष बात यह है कि इस वर्ष केंद्रीय विद्यालय संगठन रायपुर रीजन से मात्र दो विद्यार्थियों का चयन इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए हुआ है, जिनमें से एक हैं नेहा, पिता चंद्र शेखर साहू हैं। उनकी इस सफलता ने कुरुद को शिक्षा और विज्ञान के मानचित्र पर एक नई चमक प्रदान की है। ?नेहा अब इसरो के केंद्रों में विशेषज्ञों से रॉकेट तकनीक, उपग्रहों की कार्यप्रणाली और अंतरिक्ष विज्ञान की बारीकियां सीखेंगी। विज्ञान शिक्षक गणेश राम कावड़े और उनकी पूरी टीम रेणु त्रिपाठी, हिमांशु त्रिपाठी, नेम सिंह के मार्गदर्शन और प्राचार्या ग्लोरिया मिंज के नेतृत्व ने नेहा के सपनों को पंख मिला। ?नेहा की यह उपलब्धि कुरुद के अन्य विद्यार्थियों के लिए एक लाइटहाउस की तरह है। विद्यालय के अनुशासन और नेहा की अटूट एकाग्रता ने यह साबित कर दिया कि यदि दृष्टि लक्ष्य पर हो, तो सफलता सुनिश्चित है। नेहा ने कहा कि उसे बचपन से ही तारों की दुनिया आकर्षित करती थी। शिक्षकों के मार्गदर्शन और माता-पिता के भरोसे ने मुझे यह मुकाम दिलाया।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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