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प्यास बुझाना ही सबसे बड़ी सेवा है- आयुष गोलछा

चलित प्याऊ घर सेवा के माध्यम से राहगीरों, मजदूरों, रिक्शा चालकों, ठेला संचालकों तथा जरूरतमंद लोगों को शुद्ध एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है


धमतरी। भीषण गर्मी के बढ़ते प्रकोप और तापमान में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए आमजन को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से बेटर टुगेदर फाउंडेशन द्वारा संचालित चलित प्याऊ घर सेवा का तीसरा वर्ष 21 अप्रैल से प्रारंभ हो गया है। इस सेवा के माध्यम से धमतरी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में राहगीरों, मजदूरों, रिक्शा चालकों, ठेला संचालकों तथा जरूरतमंद लोगों को शुद्ध एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। गर्मी के मौसम में अक्सर दूर-दराज से आने वाले लोगों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में फाउंडेशन द्वारा शुरू की गई यह चलित प्याऊ सेवा लोगों के लिए बड़ी राहत बन रही है। चलित प्याऊ घर शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पहुंचकर राहगीरों की प्यास बुझाने का कार्य कर रहा है। इस सेवा की शुरुआत दो वर्ष पूर्व स्वर्गीय रिखब चंद गोलछा एवं प्रणय गोलछा की स्मृति में की गई थी। उनके समाजसेवा और परोपकार की भावना को आगे बढ़ाते हुए यह पहल लगातार जारी रखी जा रही है। सेवा का उद्देश्य केवल पानी पिलाना ही नहीं, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करना भी है। फाउंडेशन से जुड़े आयुष गोलछा ने बताया कि भीषण गर्मी में एक घूंट ठंडा पानी भी किसी के लिए अमृत के समान होता है। उन्होंने कहा कि प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ी सेवा है और यही भावना इस पहल के पीछे है। उन्होंने आगे बताया कि फाउंडेशन का प्रयास है कि गर्मी के पूरे मौसम में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में चलित प्याऊ घर के माध्यम से लोगों को लगातार ठंडा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद को पानी के लिए भटकना न पड़े। इस सेवा के माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। राहगीरों और स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है। बेटर टुगेदर फाउंडेशन का यह प्रयास न केवल लोगों की प्यास बुझा रहा है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता के मूल्यों को भी मजबूत कर रहा है। शहरवासियों का कहना है कि ऐसे सेवा कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक होते हैं और अन्य लोगों को भी आगे आकर समाजहित में कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।

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