राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और गति पर जोर, अतिक्रमण पर जीरो टॉलरेंस- कलेक्टर

धमतरी- कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में आज मूक बधिरार्थ कन्या विद्यालय में जिले के सभी विकासखंडों के अनुविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों एवं पटवारियों की बैठक आयोजित कर राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि राजस्व विभाग आम जनता से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है, इसलिए इसकी कार्यप्रणाली में गति, पारदर्शिता और संवेदनशीलता अनिवार्य है। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा अनावश्यक विलंब पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट कर जमीनी हकीकत का आंकलन करने और कार्यों की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी प्रकार की शासकीय भूमि—घास भूमि, वन भूमि या अन्य महत्वपूर्ण भूमि—पर अतिक्रमण बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा कोटवारी भूमि की खरीदी-बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पटवारियों को बड़े भूखंडों की विस्तृत जानकारी तैयार कर कैफियत में दर्ज करने के लिए कहा गया।
कलेक्टर ने डिजिटल माध्यमों के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए कहा कि तकनीक के माध्यम से राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल एवं सुलभ बनाया जा सकता है। उन्होंने एग्रीस्टेक प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों के लंबित पंजीयन को शीघ्र पूर्ण करने तथा योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता दी जाए तथा किसी भी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति बनने पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाए।
बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा देवहरी, एसडीएम धमतरी पीयूष तिवारी, एसडीएम कुरूद नभ सिंह कोसले, उपसंचालक कृषि मोनेश साहू, भू-अभिलेख शाखा के दीपचंद भारती सहित जिले के सभी तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी उपस्थित रहे।


