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शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कामकाज में पारदर्शिता व पुस्तकें उपलब्ध कराने की मांग को लेकर निजी स्कूल संचालकों ने किया प्रदर्शन


धमतरी। जिला शिक्षा कार्यालय के आरटीई शाखा सहित विभिन्न अनुभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने समेत अन्य मांगों को लेकर निजी स्कूल संचालकों द्वारा कलेक्टोरेट में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया।
निजी विद्यालय प्रबंधक कल्याण संघ धमतरी की अगुवाई में सैकड़ों निजी स्कूल संचालक बुधवार को कर्मा चौक के पास एकत्रित हुए। जहां से रैली निकालकर नारेबाजी करते हुए जिला कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। संघ का कहना है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय अंतर्गत आरटीई शाखा, मान्यता शाखा एवं अन्य संबंधित अनुभागों में निजी विद्यालय से जुड़े कार्यो में अनावश्यक विलंब किया जाता है। फाइलों को लंबित रखना, बार-बार कार्यालय के चक्कर लगवाना एवं प्रक्रियाओं को अस्पष्ट बनाये रखना जैसी शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही है। इसके अतिरिक्त कार्यों को आगे बढ़ाने के नाम पर अनुचित राशि की मांग की जाती है। जिससे विद्यालय संचालक अनावश्यक दबाव एवं असहज स्थिति का सामना करते है। संघ की मांग है कि उक्त विषय पर एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर निष्पक्ष जांच कराई जाये एवं दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाये। इसी तरह जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लम्बे समय से पदस्थ कर्मचारियों के लिये शासन के नियमानुसार एक समान व्यवस्था लागू की जाये। जिससे पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके। छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा शासकीय विद्यालयों में आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध करा दी गई है। लेकिन निजी विद्यालयों में अब तक पुस्तकें नहीं पहुंची है। संघ ने जल्द से जल्द पुस्तक उपलब्ध करने की मांग की है।
सभी विद्यालयों में शीघ्र उपलब्ध होंगी पाठ्यपुस्तकें

जिला शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के 168 संकुल केंद्रों में से 123 संकुलों तक पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया जा चुका है। शेष 45 संकुलों में भी वितरण कार्य अंतिम चरण में है। पाठ्यपुस्तक निगम से लगातार पुस्तकों की आपूर्ति हो रही है तथा वितरण प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जा रही है। इस वर्ष कक्षा चौथी एवं सातवीं के पाठ्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। नई पाठ्यपुस्तकों के साथ शिक्षकों को अद्यतन पाठ्यक्रम के अनुरूप प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को नवीन शिक्षण पद्धति के अनुसार गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी शिक्षा प्राप्त हो सके। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन विद्यालयों में नई पुस्तकें पहुंचने की प्रक्रिया जारी है, वहां विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होने दी जा रही है। शिक्षक वैकल्पिक शैक्षणिक सामग्री, उपलब्ध पुस्तकों एवं अभ्यास पुस्तिकाओं के माध्यम से नियमित शिक्षण कार्य संचालित कर रहे हैं, ताकि शिक्षा सत्र सुचारु रूप से चलता रहे। विभाग ने यह भी बताया कि पीएमश्री एवं स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालयों की कुछ पाठ्यपुस्तकें पाठ्यपुस्तक निगम से प्राप्त होने की प्रक्रिया में हैं। इनके प्राप्त होते ही प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विद्यालयों में वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों के लिए कक्षा 1 से 10 तक की हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम की नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों के वितरण हेतु छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा संशोधित कार्ययोजना जारी की गई है।

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