तिहरे हत्याकांड में न्यायालय का एक वर्ष के अंदर दिया कड़ा फैसला:पांच आरोपियों को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड
भोयना के अन्नपूर्णा ढाबा के पास मामूली विवाद में तीन युवकों की हत्या-अर्जुनी पुलिस की उत्कृष्ट विवेचना से आरोप सिद्ध

गंभीर अपराध में प्रभावी विवेचना एवं साक्ष्य संकलन के लिए तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक चंद्रकांत साहू व टीम को एसपी करेंगी पुरस्कृत
तिहरे हत्याकांड में न्यायालय का महत्वपूर्ण फैसला-थाना अर्जुनी क्षेत्र के ग्राम भोयना स्थित अन्नपूर्णा ढाबा के पास हुए तिहरे हत्याकांड के बहुचर्चित प्रकरण में माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, धमतरी द्वारा 12 अगस्त 2026 को महत्वपूर्ण निर्णय पारित करते हुए एक वर्ष के अन्दर पांचों वयस्क आरोपियों को दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया है।
प्रकरण क्रमांक 66/2025 में न्यायालय द्वारा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की गंभीर धाराओं के तहत आरोपियों को दोषसिद्ध किया गया। पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के कथनों एवं विवेचना के दौरान संकलित महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अपराध की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए कठोर दंड से दंडित किया.
मामूली विवाद ने लिया था खूनी रूप, तीन युवकों की हुई थी हत्या
प्रकरण के अनुसार 11 अगस्त 2025 की रात्रि लगभग 11:20 बजे ग्राम भोयना स्थित अन्नपूर्णा ढाबा के पास मामूली विवाद को लेकर आरोपियों एवं मृतकों के बीच विवाद, गाली-गलौज एवं मारपीट हुई।
इसी दौरान मुख्य आरोपी गोपी दीवान द्वारा धारदार चाकू से आलोक सिंह ठाकुर, नितीन टांडी एवं सुरेश हियाल पर प्राणघातक वार किए गए, जिससे तीनों युवकों की मृत्यु हो गई।
घटना की सूचना प्राप्त होते ही थाना अर्जुनी पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और पुलिस अधीक्षक धमतरी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं सीएसपी के मार्गदर्शन में त्वरित कार्यवाही प्रारंभ की गई। पुलिस टीमों द्वारा लगातार दबिश एवं सघन तलाशी अभियान चलाकर घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। घटना में प्रयुक्त धारदार चाकू भी बरामद किया गया।
8 आरोपी गिरफ्तार, पांच वयस्क एवं तीन विधि से संघर्षरत बालक
प्रकरण में पुलिस द्वारा कुल 8 आरोपियों की पहचान की गई, जिनमें 5 वयस्क आरोपी एवं 3 विधि से संघर्षरत बालक शामिल थे।
दोषसिद्ध वयस्क आरोपीगण
गोपी दीवान पिता प्यारी दीवान, 20 वर्ष, निवासी ग्राम मथुराडीह, थाना अर्जुनी,कुलेश्वर नेताम पिता चुरामन लाल नेताम, 25 वर्ष, निवासी ग्राम कोर्रा, थाना भखारा, रणवीर कुमार साहू पिता गोपाल साहू, 20 वर्ष, निवासी ग्राम ईर्रा, थाना भखारा, कमलेश ध्रुव पिता राजेन्द्र ध्रुव, 19 वर्ष, निवासी आमापारा,गौतम दीवान पिता लक्ष्मण दीवान, 22 वर्ष, निवासी ग्राम मथुराडीह, थाना अर्जुनी, जिला धमतरी।
तीनों विधि से संघर्षरत बालकों के संबंध में किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की गई।
वैज्ञानिक साक्ष्य आधारित विवेचना ने दिलाई दोषसिद्धि
थाना अर्जुनी पुलिस द्वारा प्रकरण की विवेचना में घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्यों का संकलन, गवाहों के कथनों का विधिवत लेखन, घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी तथा अन्य आवश्यक साक्ष्यों को सुरक्षित करते हुए प्रकरण को मजबूत साक्ष्य के साथ न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
पुलिस की प्रभावी एवं साक्ष्य आधारित विवेचना तथा अभियोजन की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप माननीय न्यायालय द्वारा पांचों वयस्क आरोपियों को दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया।
मुख्य आरोपी गोपी दीवान को आजीवन कारावास
माननीय न्यायालय द्वारा मुख्य आरोपी गोपी दीवान को विभिन्न गंभीर धाराओं में दोषसिद्ध किया गया है। न्यायालय द्वारा धारा 103 सहपठित धारा 190 भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत आजीवन कारावास एवं 1,000.अर्थदंड से दंडित किया गया है। इसके अतिरिक्त अन्य धाराओं में भी पृथक-पृथक कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
न्यायालय के आदेशानुसार निर्धारित सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
उत्कृष्ट विवेचना के लिए निरीक्षक चंद्रकांत साहू एवं टीम होंगे पुरस्कृत
इस गंभीर एवं संवेदनशील तिहरे हत्याकांड की विवेचना में त्वरित कार्यवाही, आरोपियों की गिरफ्तारी, साक्ष्यों के वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत संकलन तथा प्रकरण को न्यायालय में प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले तत्कालीन थाना प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी निरीक्षक चंद्रकांत साहू को पुलिस अधीक्षक धमतरी श्रीमती भावना पांडेय द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय ने कहा कि गंभीर एवं जघन्य अपराधों में त्वरित कार्यवाही के साथ-साथ मजबूत विवेचना और न्यायालय में दोषसिद्धि सुनिश्चित करना धमतरी पुलिस की प्राथमिकता है। इस प्रकरण में पुलिस की प्रभावी विवेचना एवं अभियोजन की पैरवी के परिणामस्वरूप एक वर्ष के अंदर में ही दोषियों को कठोर सजा मिली है, जिससे पीड़ित परिवारों को न्याय मिला है।
गंभीर अपराधों के विरुद्ध धमतरी पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति
धमतरी पुलिस गंभीर एवं जघन्य अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य कर रही है। अपराध घटित होने के बाद त्वरित कार्यवाही, आरोपियों की गिरफ्तारी, साक्ष्यों का वैज्ञानिक संकलन एवं न्यायालय में प्रभावी पैरवी के माध्यम से अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए पुलिस पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्यरत है।