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खल रही ट्रांसपोर्ट नगर की कमी : सालों से सड़क किनारे खड़े रहते है भारी वाहन

निगम द्वारा सत्र 2026-27 के बजट में निर्माण हेतु किया गया है 29 करोड़ का प्रावधान

रायपुर रोड़ सिहावा रोड, बस्तर रोड पर सड़क किनारे खड़ी रहती है गाडिय़ां, दुर्घटना की आशंका

धमतरी। धमतरी को जिला बने 28 वर्ष होने को है तब से धमतरी में ट्रांसपोर्ट नगर की कमी खल रही है और साल दर साल बढ़ते यातायात के दबाव के व्यापार के बीच यह आवश्यकता बढ़ती जा रही है, लेकिन विडम्बना है कि लगभग 3 दशक के बाद भी धमतरी में ट्रांसपोर्ट नगर नहंी बन पाया है। बता दे कि धमतरी शहर में पहले नेशनल हाईवे गुजरा था। अब बायपास बन चुका है फिर भी शहर के भीतर भारी वाहने बड़ी संख्या में प्रवेश करती है। इसके अतिरिक्त शहर से होकर सिहावा रोड, रायपुर – बस्तर रोड, दुर्ग, बालोद रोड जाती है और इन नेशनल व स्टेट हाईवे से रोजाना हजारों भारी वाहनों का आवागमन होता है। इनमें कई भारी वाहने अक्सर शहर के मुख्य मार्गो के किनारे खड़े रहते है। रायपुर रोड, सिहावा व बस्तर रोड सालों से भारी वाहनों की अघोषित पार्किंग बन चुकी है। कई स्थानों पर तो वाहन चालकों द्वारा घोर लापरवाही बरतते हुए आमने-सामने ट्रके खड़ी कर दी जाती है जिससे रोड काफी संकरा हो जाता है। सड़क पर भारी वाहने खड़े होने से दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है। ऐसे में सुगम सुरक्षित यातायात के उद्देश्य से ट्रांसपोर्ट नगर की आवश्यकता है। पूर्व में कुछ प्रयास इस दिशा में हुए है लेकिन सफलता नहीं मिल पाई है। निगम द्वारा पूर्व चिटौद के पास लगभग 18 एकड़ की भूमि का चिन्हांकन किया गया था, लेकिन प्रक्रिया अटक गई। अब निगम के सत्र 2026-27 के बजट में पुन: ट्रांसपोर्ट नगर हेतु 29 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बता दे कि अब तक कई बार निगम बजट में ट्रांसपोर्ट नगर को शामिल किया जा चुका है। हर बार सिर्फ राशि बढ़ती गई और ट्रांसपोर्ट नगर फाईलों तक सीमित रह गई। रत्नबांधा से मुजगहन तक और सिहावा चौक से कोलियारी तक फोरलेन सड़क निर्माण हेतु भूमिपूजन हो चुका है। अभी उक्त मार्ग में भी सड़क किनारे भारी वाहन खड़ी रहती है। लेकिन नई सड़क निर्माण के बाद भारी वाहनों को पार्क करना मुश्किल होगा। इसलिए ट्रांसपोर्ट नगर बसाना अब और आवश्यक है।

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