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दिशा समिति की मैराथन बैठक में विकास योजनाओं की गहन समीक्षा

सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कहा, अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

सांसद भोजराज नाग ने जनप्रतिनिधि-प्रशासन के बेहतर समन्वय पर दिया जोर, जिले की दर्जनों केंद्रीय योजनाओं की प्रगति पर हुई विस्तृत समीक्षा

धमतरी- जिले में केंद्र सरकार की विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जनकल्याण को लेकर जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की मैराथन बैठक आयोजित हुई। महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद एवं समिति की अध्यक्ष श्रीमती रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, आवास, सड़क, महिला एवं बाल विकास, कौशल विकास, सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, समयबद्ध प्रगति और पात्र हितग्राहियों तक शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं समिति के उपाध्यक्ष भोजराज नाग, धमतरी विधायक ओंकार साहू, सिहावा विधायक श्रीमती अंबिका मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सार्वा, विभिन्न जनपद एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, वनमंडलाधिकारी श्रीकृष्ण जाधव, जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र सिंह ठाकुर तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों का साझा उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार गांवों से लेकर दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक समग्र विकास के लिए अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित कर रही हैं। इन योजनाओं की सफलता तभी संभव है जब जनप्रतिनिधि और प्रशासन समन्वय के साथ कार्य करें तथा योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समिति के उपाध्यक्ष एवं कांकेर सांसद भोजराज नाग ने कहा कि विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों में प्रशासन का सहयोग करना चाहिए तथा गलत और जनविरोधी गतिविधियों के विरुद्ध प्रशासन की कार्रवाई में अनावश्यक हस्तक्षेप से बचना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि विकास कार्यों की जानकारी केवल समीक्षा बैठकों तक सीमित न रहे, बल्कि योजनाओं की स्वीकृति के समय से ही संबंधित जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया जाए।
बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, ई-केवाईसी, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय बागवानी मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, जल जीवन मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना, अटल पेंशन योजना, जनधन योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, राष्ट्रीय कैरियर सेवा, सुकन्या समृद्धि योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, समग्र शिक्षा, मध्यान्ह भोजन, खाद्य सुरक्षा, श्रम पोर्टल, सामाजिक सहायता कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, पशु रोग नियंत्रण, डेयरी विकास, गोकुल मिशन तथा अन्य केंद्रीय योजनाओं की विभागवार समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक का मूल फोकस यह सुनिश्चित करना रहा कि केंद्र सरकार की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ जिले के पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुंचे तथा विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो।

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