कमार समाज की समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध : कलेक्टर अबिनाश मिश्रा
विशेष पिछड़ी जनजाति के प्रतिनिधिमंडल ने मूलभूत सुविधाओं, शिक्षा और आजीविका से जुड़े विषयों पर सौंपा मांगपत्र
पारंपरिक बांस की टोकरी में दुर्लभ बोड़ा भेंट कर किया सम्मान

धमतरी। जिले की विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समाज के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर अबिनाश मिश्रा से सौजन्य मुलाकात कर समाज की मूलभूत सुविधाओं, शिक्षा, आवास, सड़क, आजीविका तथा सामाजिक अधोसंरचना से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने समाज की आवश्यकताओं से संबंधित मांगपत्र सौंपते हुए प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया। मुलाकात के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का परिचय देते हुए समाज के लोगों द्वारा निर्मित पारंपरिक बांस की टोकरी में वर्षा ऋतु में सीमित अवधि के लिए उपलब्ध होने वाली दुर्लभ वन उपज बोड़ा भेंट कर कलेक्टर का सम्मान किया। इस अवसर पर कलेक्टर ने कमार समाज की पारंपरिक जीवनशैली, लोक संस्कृति एवं वन आधारित आजीविका की सराहना करते हुए इसे जिले की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। प्रतिनिधिमंडल ने नगरी स्थित कमार आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र प्राचार्य की नियुक्ति, कमार सामाजिक भवन में शेड एवं आहाता निर्माण, विभिन्न कमार बसाहटों तक सर्व मौसम सड़क निर्माण तथा लंबे समय से निवासरत पात्र परिवारों को भूमि का पट्टा उपलब्ध कराने की मांग रखी। साथ ही पारंपरिक बांस शिल्प को प्रोत्साहित करने के लिए बांस की उपलब्धता, जनमन आवास योजना की लंबित राशि तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत लंबित मजदूरी भुगतान शीघ्र कराने का भी अनुरोध किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बोदलाबाहरा-बरबांधा से आवासपारा कमारपारा, आमगांव से कछारपारा, भूरसीडोंगरी से कमारपारा, घूरावड़ कमारपारा, दूधावा से कोरमुड़ कमारपारा तथा बिलभदर सहित अन्य कमार बसाहटों तक सड़क निर्माण की आवश्यकता से भी अवगत कराया। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के समग्र विकास, शिक्षा, आवास, आजीविका और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए जिला प्रशासन संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

