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जीवन को वास्तविक सुंदरता और सार्थकता संस्कार ही प्रदान करता हैं- साध्वी रत्ननिधि श्री जी म. सा.

श्री पाश्र्वनाथ जिनालय में चातुर्मासिक प्रवचन श्रृंखला जारी, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने का दिया संदेश


धमतरी। धर्मनगरी धमतरी के श्री पाश्र्वनाथ जिनालय, इतवारी बाजार में चातुर्मास हेतु विराजित परम पूज्य प्रवर्तनी महोदया कैवल्यधाम तीर्थ प्रेरिका निपूर्णा श्री जी महाराज साहेब की सुशिष्या, प्रवचन प्रवीणा परम पूज्य स्नेहयशा श्री जी महाराज साहेब की अंतेवासिनी परम पूज्य रत्ननिधि श्री जी महाराज साहेब आदि ठाणा-4 के सान्निध्य में चातुर्मासिक धार्मिक प्रवचनों की श्रृंखला श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच निरंतर जारी है। चातुर्मासिक प्रवचन के दौरान परम पूज्य रत्ननिधि श्री जी महाराज साहेब ने जीवन में संस्कार, चरित्र और सद्भावना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन में धन-दौलत और सुख-सुविधाएं रहें या न रहें, लेकिन अच्छे संस्कार और उत्तम चरित्र का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भौतिक संपत्ति जीवन की जरूरतें पूरी कर सकती है, लेकिन जीवन को वास्तविक सुंदरता और सार्थकता संस्कार ही प्रदान करते हैं।साध्वीश्री ने कहा कि धन आज है तो कल कम भी हो सकता है, सुख-सुविधाएं परिस्थितियों के साथ बदल सकती हैं और पद-प्रतिष्ठा भी स्थायी नहीं होती, लेकिन अच्छे संस्कार व्यक्ति की ऐसी पूंजी हैं जो जीवनभर उसके साथ रहती है। व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसके पास कितनी संपत्ति है, इससे नहीं बल्कि उसके व्यवहार, चरित्र और भावनाओं से होती है। उन्होंने कहा कि जीवन में संस्कार नहीं तो कुछ भी नहीं। यदि किसी व्यक्ति के पास अपार धन-संपत्ति है, लेकिन उसके व्यवहार में विनम्रता नहीं, बड़ों के प्रति सम्मान नहीं, छोटों के प्रति स्नेह नहीं और जरूरतमंदों के प्रति संवेदना नहीं है, तो उसका जीवन वास्तविक अर्थों में समृद्ध नहीं कहा जा सकता।
बच्चों को संपत्ति से पहले संस्कार देने की जरूरत
प्रवचन में परिवार और बच्चों के संस्कारों पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन का पहला विद्यालय उनका परिवार होता है। बच्चे अपने माता-पिता और परिवार के सदस्यों के व्यवहार से बहुत कुछ सीखते हैं। इसलिए बच्चों को केवल अच्छी शिक्षा और सुख-सुविधाएं देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सत्य, संयम, विनम्रता, सेवा, करुणा और बड़ों के सम्मान जैसे संस्कार देना भी जरूरी है।

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