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निगम काम्पलेक्सो की दुर्दशा : छड़े बाहर निकली, प्लास्टर उखड़ रहा, छतो-दीवारों से रिस रहा पानी

विकास के बड़े बड़े दावे करने वाली नगर निगम स्वयं के भवनों की नहीं सुधार पा रही दशा

स्वच्छता देखरेख भी भगवान भरोसे, इसलिए जर्जर हो रहे काम्पलेक्स

धमतरी। वैसे तो नगर निगम धमतरी द्वारा करोड़ो अरबो के विकास के दावे करती रहती है। लेकिन जब बात निगम के स्वयं के भवनों की आती है तो उसकी बदहाल दशा निगम के कथनी करनी में फर्क प्रतीत करता है।
शहर में नगर निगम के कई व्यवसायिक काम्पलेक्स है। जिनमें कई व्यापारियों द्वारा सालों से व्यापार किया जा रहा है। इन काम्पलेक्सो की दशा साल दर साल खराब होते जा रही है। काम्पलेक्सो में व्यापार करने वाले व्यापारियों की माने तो निगम, काम्पलेक्स निर्माण कर व्यापारियों को सौंप कर भुल चुका है। न तो कभी काम्पलेक्सो की दशा जानने निरीक्षण होता है और न ही सुधार के कोई प्रयास होते है। शहर के नया बस स्टैण्ड स्थित व्यवसायिक काम्पलेक्स, पुराना बस स्टैण्ड स्थित काम्पलेक्स, रत्नाबांधा रोड स्थित काम्पलेक्स की दशा बिगड़ती जा रही है। यंहा स्वच्छता भगवान भरोसे है। महीनों सालों तक यहां सफाई नहीं होती कचरे का ढेर लगा रहता है। कई जगहों से काम्पलेक्स की छते व दीवारे कमजोर हो चुकी है। छतो दीवारो से पानी रिसता है। व्यापारी मजबूरी वश स्वयं मरम्मत कराते है.पुराना बस स्टैण्ड स्थित काम्पलेक्स में दीवार से छड़े बाहर लटक रही है। कई जगह सीलन व सीपेज है। भवन जर्जर अवस्था में है। मूत्रालय से बदबू असहनीय है।
नया बस स्टैण्ड स्थित निगम के व्यवसायिक काम्पलेक्स में सफाई का बुरा हाल है। काम्पलेक्स के नीचे पीर्किंग अघोषित कब्जादारों व आवारा मवेशियों से गौठान जैसा प्रतीत होता है। छतो दीवारों से पानी रिसता रहता है। असामाजिक तत्वों का जमघट लगता है। रोजाना गंजेडिय़ों, शराबियो की टोली बैठती है डर के कारण व्यापारी इसका विरोध भी नहीं कर पाते है। रत्नाबांधा रोड स्थित काम्पलेक्स में भी स्वच्छता व्यवस्था का बुरा हाल है। इस काम्पलेक्स को भी निगम बना कर मानों भुल गया हो।
भाजपा-कांग्रेस दोनो शासनकाल में नहीं सुधरी दशा
राजनीति हेतु भाजपा-कांग्रेस द्वारा एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते जाते है। लेकिन जब बात निगम के स्वयं के काम्पलेक्स की आती है तो भाजपा कांग्रेस दोनो ने ही अपने शासन काल के दौरान काम्पलेक्स की कभी सुध नहीं ली और विपक्ष में आने पर आरोप प्रत्यारोप का दौर चलता है।
कलेक्टर, महापौर, निगम आयुक्त से उम्मीदें
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, महापौर रामू रोहरा, और नवपदस्थ निगम आयुक्त अरुण कुमार वर्मा द्वारा जनहित में लगातार निरीक्षण कर जमीनी हकीकत से रुबरु होकर व्यवस्था में सुधार कराते रहते है। ऐसे में काम्पलेक्स के व्यापारियों को उक्त तीनों जिम्मेदारों से काफी उम्मीदे है कि कभी निगम काम्पलेक्स की दशा जानने पहुंचेगे और इस काम्पलेक्स के दिन भी बदलेंगे।

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