समयबद्ध तरीके से योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें : सीईओ जिपं जयंत नाहटा

धमतरी। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत जिले में संचालित योजनाओं एवं गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक में की गई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जयंत नाहटा ने विभिन्न विकासखण्डों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित कार्यक्रमों, महिला स्व-सहायता समूहों, ग्राम संगठनों (वीओ) एवं क्लस्टर स्तरीय संघों (सीएलएफ) की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए सभी कार्यक्रमों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में जेण्डर सभा एवं जेण्डर संसद कार्यक्रम-2026 की तैयारियों पर विशेष चर्चा हुई। सीईओ जिला पंचायत ने कहा कि महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता तथा महिलाओं की निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इन कार्यक्रमों को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए गांव एवं समुदाय स्तर पर सार्थक संवाद और जागरूकता का माध्यम बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों एवं कैडर सदस्यों को आपसी समन्वय से कार्यक्रमों की प्रभावी रूपरेखा तैयार कर आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। स्व-सहायता समूहों को वित्तीय सहायता और संस्थागत सुदृढ़ीकरण की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि जिन समूहों को अब तक आरएफ राशि प्राप्त नहीं हुई है, उनकी सूची लंबित रहने के कारण सहित जिला कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। कुरुद विकासखण्ड के सिर्री एवं जीजामगांव क्लस्टर में जेण्डर जीएमटी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति को देखते हुए कोर्रा संकुल के जीएमटी को आवश्यक प्रभार देने के निर्देश दिए गए, ताकि जेण्डर संबंधी गतिविधियां निर्बाध रूप से संचालित हो सकें। सीईओ ने सभी बीपीएम को सीएलएफ एवं वीओ के पदाधिकारियों के दो वर्षीय रोटेशन से संबंधित जानकारी एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने को कहा। जिन एमसीएलएफ में वीजीएफ राशि जारी हो चुकी है, वहां आवश्यकता के अनुसार ऑपरेटर रखने के निर्देश दिए गए। इससे संस्थाओं के वित्तीय, प्रशासनिक एवं डिजिटल कार्यों को व्यवस्थित करने में सुविधा मिलेगी।
