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आधुनिक खेती व नवाचार को अपनाए- निरंजन सिन्हा

धमतरी- जिला सहकारी संघ धमतरी द्वारा जिले के पैक्स व लैम्प्स समितियों के प्राधिकृत अधिकारियो एवं प्रबंधकों का सहकार से समृद्धि के साथ कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा आधुनिक खेती, नवाचार तथा खेती-बाड़ी से जुड़े विषयों पर एकदिवसीय कार्यशाला नवीन प्रशिक्षण हाल डिपो परिसर वन विभाग सिहावा चौक धमतरी में 23 सितंबर 2026 को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि निरंजन सिन्हा अध्यक्ष जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित रायपुर, कार्यक्रम के अध्यक्ष श्रीमती मीना साहू सभापति सहकारिता जिला पंचायत धमतरी, डॉक्टर ईश्वर सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केंद्र धमतरी, सुश्री सुमन ध्रुव सहायक आयुक्त सहकारिता धमतरी के विशिष्ट आतिथ्य एवं कृषि विज्ञान केंद्र धमतरी के डॉक्टर शक्ति वर्मा, डॉक्टर अमित सिन्हा, डॉक्टर प्रेमलाल साहू, सुमन चंद्राकर सहायक मत्स्य अधिकारी, बलरामपुरी गोस्वामी नोडल अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित धमतरी, डेमू साहू, जिला सहकारी संघ के प्राधिकृत अधिकारी सी पी साहू की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बैंक अध्यक्ष निरंजन सिन्हा ने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2021 में केंद्र में सहकारिता मंत्रालय के गठन के पश्चात शासन द्वारा ग्रामीण विकास के साथ कृषकों को प्रत्येक प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराने एवं समाज के सभी वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही हैं। पैक्स को बहुउद्देशीय बनाकर आर्थिक रूप से सक्षम बनाने तथा रासायनिक खाद व दवा का कम उपयोग कर प्राकृतिक व आधुनिक खेती अपनाकर नवाचार को बढ़ाने प्रेरित किया। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ ईश्वर सिंह ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र की विभिन्न योजनाओं, प्रशिक्षण एवं तकनीक मार्गदर्शन का लाभ लेकर किसान अपनी कृषि आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने फसलों की विविधीकरण एवं समन्वित खेती अपनाने पर जोर देते हुए बताया कि विभिन्न फसलों, दलहन ,तिलहन एवं सब्जियों को शामिल कर किसान अपने परिवार की आवश्यक पोषण संबंधी जरूरतो की पूर्ति अपनी ही उपज से कर सकते हैं। उन्होंने के वी के की योजनाओं से मिलने वाले लाभ की जानकारी देते हुए वैज्ञानिक कृषि तकनीको को अपनाने प्रेरित किया।

कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर प्रेमलाल साहू ने किसानों को कम लागत में टिकाऊ एवं लाभकारी खेती करने के लिए प्राकृतिक खेती की प्रमुख अवधारणा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर खेती की लागत को कम किया जा सकता है। इस दौरान किसानों को जीवामृत, धन जीवामृत, जैविक कीट नियंत्रण एवं जैविक कीटनाशक तैयार करने तथा उनके उपयोग की विधि की जानकारी दी। उन्होंने प्राकृतिक खेती में मृदा की जैविक गुणवत्ता एवं लाभकारी सूक्ष्म जीवों के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ मिट्टी बेहतर एवं टिकाऊ उत्पादन का आधार है। किसानों को रासायनिक आदानों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक एवं टिकाऊ पद्धति अपनाने अपील की। कृषि प्रसंस्करण एवं खाद्य अभियांत्रिकी वैज्ञानिक डॉ अमित सिन्हा द्वारा कृषकों को नवीनतम कृषि यंत्रों एवं आधुनिक कृषि तकनीक की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से खेती में लगने वाले समय, श्रम एवं लागत को कम किया जा सकता है। किसानों को उन्नत बुवाई यंत्र, आधुनिक कटाई एवं गहाई मशीनों, पावर वीडर, मल्टी क्रोप थ्रेशर तथा कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन में उपयोगी विभिन्न यंत्रों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृषि यंत्रीकरण से न केवल कृषि कार्यों की दक्षता एवं उत्पादकता बढ़ती है, बल्कि फसल कटाई के उपरांत होने वाली हानि को कम करने तथा कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार लाने में भी सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि यंत्रीकरण एवं खाद्य प्रसंस्करण तकनीको का समन्वित उपयोग किसानो की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

नोडल अधिकारी गोस्वामी ने प्राधिकृत अधिकारियो के अधिकार, कर्तव्य और नेतृत्व विकास पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी। सहायक मत्स्य अधिकारी सुमन चंद्राकर ने कहा कि ग्रामीण परिवेश में मछली पालन एक लोकप्रिय व्यवसाय है। मछली पालन में कम समय और खर्चे से पर्याप्त आय प्राप्त होती है। उन्होंने राज्य शासन द्वारा पोषित योजनाओं की विस्तार पूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सीमित जल क्षेत्र में आय दुगनी करने का उत्तम साधन है, जिसे रोजगार के रूप में अपनाया जा सकता है। मीना साहू ने कहा कि सहकार से समृद्धि के तहत प्राकृतिक खेती, गोपालन के द्वारा गोबर, गोमूत्र को खाद के रूप में उपयोग करें, जिससे फसल की गुणवत्ता में वृद्धि होती है। कार्यक्रम को डेमू साहू एवं सहकारी समिति कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र साहू ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जिले के सहकारी समितियों के प्राधिकृत अधिकारी, प्रबंधक व कोऑपरेटिव बैंक के शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संघ प्रबंधक ए पी गुप्ता एवं आभार प्रदर्शन बलरामपुरी गोस्वामी ने किया।

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