नवरात्र को लेकर तैयारियां तेज, आकार लेने लगीं मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाएं
मौसम साफ होने के बाद प्रतिमा निर्माण में आई तेजी, महंगी हुई निर्माण सामग्री से बढ़े प्रतिमाओं के दाम

धमतरी। शारदीय नवरात्र पर्व को लेकर धमतरी शहर सहित जिलेभर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। जगह-जगह दुर्गा उत्सव समितियां आयोजन की तैयारियों में जुट गई हैं, वहीं मूर्तिकार भी मां दुर्गा की आकर्षक और भव्य प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। शहर के विभिन्न हिस्सों में इन दिनों प्रतिमाओं के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। आने वाले दिनों में प्रतिमाओं के निर्माण और सजावट के साथ दुर्गा उत्सव को लेकर गतिविधियां और तेज होगी। धमतरी में हर वर्ष बड़ी संख्या में दुर्गा उत्सव समितियों द्वारा अलग-अलग स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं विराजित की जाती हैं। इस वर्ष भी शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में नवरात्र पर्व को भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाने की तैयारी चल रही है। प्रतिमा निर्माण स्थलों पर मूर्तिकार दिन-रात मेहनत कर देवी प्रतिमाओं को आकार देने में जुटे हैं।
इन क्षेत्रों में बन रही प्रतिमाएं
शहर के कुम्हारपारा, आमापारा, आमा तालाब रोड, गड्ढापारा सहित मुजगहन क्षेत्र में बड़ी संख्या में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा जिले के ग्राम नारी, मगरलोड दूधवारा, बिरेझर सहित अन्य क्षेत्रों में भी मूर्तिकार प्रतिमा निर्माण में लगे हुए हैं। अलग-अलग समितियों की मांग के अनुसार छोटी से लेकर बड़ी और आकर्षक प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। मूर्तिकार प्रतिमाओं के चेहरे के भाव, आभूषण, वस्त्र और आकर्षक सजावट पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। कई प्रतिमाओं में पारंपरिक स्वरूप के साथ नए डिजाइन और कलात्मकता का समावेश भी देखने को मिल रहा है। जैसे-जैसे नवरात्र नजदीक आएगा, प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने, रंग-रोगन और सजावट का काम भी तेज होगा।
बारिश ने बढ़ाई थी परेशानी
इस वर्ष बारिश के कारण प्रतिमा निर्माण के शुरुआती दौर में मूर्तिकारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश और नमी के कारण मिट्टी सहित अन्य निर्माण सामग्री को सुखाने में परेशानी हुई। प्रतिमाओं को सुरक्षित रखने के लिए भी विशेष इंतजाम करने पड़े। इससे निर्माण कार्य की गति प्रभावित हुई थी। हालांकि पिछले कुछ दिनों से मौसम साफ रहने के कारण मूर्तिकारों ने राहत की सांस ली है। धूप निकलने से प्रतिमाओं को सुखाने में आसानी हो रही है और निर्माण कार्य में भी तेजी आई है। अब मूर्तिकार जल्द से जल्द प्रतिमाओं को तैयार करने में जुटे हैं, ताकि नवरात्र शुरू होने से पहले सभी समितियों को उनकी प्रतिमाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
बढ़ी निर्माण लागत, प्रतिमाओं के दाम भी बढ़े
प्रतिमा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के दाम बढऩे का असर इस वर्ष दुर्गा प्रतिमाओं की कीमतों पर भी पड़ा है। मूर्तिकारों के अनुसार मिट्टी, रंग, कपड़ा, सजावटी सामग्री, बांस, लकड़ी तथा अन्य आवश्यक सामान की लागत बढऩे से प्रतिमा निर्माण की कुल लागत में वृद्धि हुई है। इसका असर प्रतिमाओं के अंतिम दाम पर भी दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद दुर्गा उत्सव समितियों में उत्साह बना हुआ है। समितियों द्वारा अपनी-अपनी पसंद और बजट के अनुसार प्रतिमाओं का चयन किया जा रहा है। कई स्थानों पर भव्य पंडाल और आकर्षक सजावट की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। आने वाले दिनों में शहर के विभिन्न हिस्सों में नवरात्र पर्व की रौनक दिखाई देने लगेगी और मां दुर्गा के जयकारों से शहर भक्तिमय वातावरण में रंगने लगेगा।
