नवरंग गरबा : 8 दिनों तक अलग-अलग थीम पर मचेगी धूम, युवाओं को इंतजार

धमतरी। शहर में विभिन्न संस्थाओं, सामाजिक जनों द्वारा गरबा का आयोजन किया जाता है। जिसमें लोगों को खासकर युवाओं को नवरंग गरबा का इंतजार रहता है। इस बार 8 दिनों तक अलग-अलग थीम पर धूम मचाने की तैयारी है। गुरुवार को प्रेस वार्ता के माध्यम से मीडिया को इसकी विस्तृत जानकारी दी गई।
बताया गया कि नवरंग गरबा की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी। यह वह समय था जब कोविड के बाद लोग लंबे समय तक अपने घरों में रहे थे। नवरंग शुरू करने का हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ गरबा करवाना नहीं था, बल्कि लोगों को उनके घरों से बाहर निकालकर एक साथ लाना और माँ दुर्गा की आराधना के माध्यम से एक सकारात्मक और उत्सवपूर्ण माहौल बनाना था। पहले ही साल हमें लोगों का जो प्यार और विश्वास मिला, उसने हमें आगे बढ़ने की एक नई ऊर्जा दी। धीरे-धीरे नवरंग हमारे लिए सिर्फ एक गरबा आयोजन नहीं, बल्कि लोगों से जुड़ने और हर साल कुछ नया करने का माध्यम बन गया। आज नवरंग के छठे वर्ष में हैं। हर साल की तरह इस बार भी कोशिश है कि पिछले वर्षों से मिली सीख के आधार पर अपनी छोटी-बड़ी कमियों को सुधारें और इस बार की नवरंग को और बेहतर तरीके से प्रस्तुत करें।
गुलशन छाबड़िया ने बताया कि
11 अक्टूबर को रंग दे बसंती थीम के साथ नवरंग की शुरुआत करेंगे, जिसमें सफेद रंग के साथ देश के प्रति उत्साह और जज़्बा देखने को मिलेगा।
12 अक्टूबर -दूसरी थीम पूरी तरह भगवान श्रीराम को समर्पित होगी। हृदय में जिनके सियाराम के माध्यम से हम भक्ति और भारतीय संस्कृति को celebrate करेंगे।
13 अक्टूबर -“तीसरी थीम हमारी अपनी मिट्टी और अपनी संस्कृति को समर्पित है। हमर माटी के महक के जरिए हम छत्तीसगढ़ की परंपरा, संस्कृति और उसकी खूबसूरती को प्रस्तुत करेंगे।”
14 अक्टूबर -“चौथी थीम थोड़ी नॉस्टलगिक होने वाली है। बैक टू द 80s के साथ हम उस दौर की यादों, अंदाज़ और एनर्जी को नवरंग के मंच पर लेकर आएंगे।”
15 अक्टूबर – “पांचवीं थीम गुजरात की समृद्ध संस्कृति और पारंपरिक परिधान को सेलिब्रेट करेगी। इसमें traditional गुजराती अटैयर के साथ एक अलग ही रंग देखने को मिलेगा।”
16 अक्टूबर -“छठी थीम में नवरंग पहुंचेगा ब्रज की गलियों तक। ब्रज की होली थीम के माध्यम से रंग, परंपरा और उत्सव का खूबसूरत संगम देखने को मिलेगा।”
17 अक्टूबर -“सातवीं थीम महादेव के नाम होगी। शिव नगरी थीम में हम शिव की भक्ति, उनकी ऊर्जा और उनसे जुड़ी संस्कृति को अपने अंदाज़ में प्रस्तुत करेंगे।”
18 अक्टूबर -आखिरी थीम फिर से गुजराती संस्कृति के रंग में सजेगी। ट्रेडिशनल गुजराती अटैयर के साथ नवरंग की इस आठ दिवसीय जर्नी का एक खूबसूरत समापन होगा।
इस दौरान दीपक लखोटिया, ऋतुराज पवार, गुलशन, भूमि मूलवानी, रेनू जसुजा, कुणाल सिंह, हेमंत राजपूत, अंकित मंधान,संकेत रोहरा, सारांश केसवानी, आयुष आहूजा, करण सिंह, पीयूष जसूजा, हेमंत लेडवानी, गौरव लोहाना, नमन मिथलेश, हिमाचल मिथलेश, विख्यात सिन्हा, रोहन चक्रधारी,वर्तिका मिन्नी, जगत दीवान आदि मौजूद थे।