सबकी योजना, सबका विकास को धरातल पर उतारने की दिशा में कार्यशाला सम्पन्न

धमतरी। जिला पंचायत धमतरी के सभा कक्ष में सबकी योजना, सबका विकास की अवधारणा को केंद्र में रखते हुए एक व्यापक एवं प्रभावी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य ग्राम स्तर पर योजनाओं के निर्माण, उनके पारदर्शी क्रियान्वयन तथा समावेशी ग्रामीण विकास को सशक्त बनाना रहा। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण विकास की सुदृढ़ नींव गांवों से ही तैयार होती है। जब योजनाएं जनभागीदारी के साथ बनती हैं, तब उनका प्रभाव अधिक व्यापक, टिकाऊ और परिणामकारी होता है। उन्होंने कहा कि सबकी योजना, सबका विकास तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित हो तथा योजनाएं गांव की वास्तविक आवश्यकताओं पर आधारित हों। कलेक्टर ने सरपंचों और सचिवों से ग्राम सभा को सक्रिय एवं सशक्त बनाने, पारदर्शिता बनाए रखने तथा अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि सबकी योजना, सबका विकासÓ पंचायती राज मंत्रालय द्वारा संचालित एक जन योजना अभियान है, जिसका उद्देश्य ग्राम सभाओं के माध्यम से समावेशी और पारदर्शी ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करना है। यह अभियान 2 अक्टूबर से शुरू होकर ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा और सतत विकास लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करता है। कार्यशाला में जिले के लगभग 30 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिवों ने सहभागिता करते हुए ग्राम विकास की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान ग्राम स्तरीय नियोजन, संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। समर्थन फाउंडेशन के देवीलाल दास ने सामाजिक मानचित्रण की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके माध्यम से गांव के सामाजिक, आर्थिक एवं भौगोलिक पहलुओं का समग्र आकलन किया जा सकता है। इससे यह पहचानने में सहायता मिलती है कि किन क्षेत्रों एवं वर्गों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से व्यावहारिक उदाहरणों सहित योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। 15वें वित्त आयोग की राशि के प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस राशि का उपयोग बुनियादी अधोसंरचना जैसे सड़क, जल निकासी, पेयजल व्यवस्था एवं स्वच्छता कार्यों में प्राथमिकता से करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं और इनके सशक्तिकरण के बिना समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सबकी योजना, सबका विकास केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक प्रभावी कार्यपद्धति है, जिसे जमीनी स्तर पर लागू करना पंचायतों की जिम्मेदारी है। उन्होंने पंचायतों को स्थानीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग, कर संग्रह की व्यवस्थित व्यवस्था तथा नवाचार को अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कार्य करने की सलाह दी।



