गो धाम योजना को और बेहतर बनाने मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन, स्थानीय गो उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर
लोकल फॉर वोकल की तर्ज पर गोबर, गोमूत्र अर्क, दीया और अगरबत्ती निर्माण को प्रोत्साहित करने पर हुई चर्चा

धमतरी। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी गो धाम योजना को अधिक प्रभावी, सुदृढ़ और जनोपयोगी बनाने के उद्देश्य से गो सेवा आयोग के विभिन्न जिलों के अध्यक्षों ने विभागीय मंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित गो धाम योजना की सराहना करते हुए इसके बेहतर क्रियान्वयन, गो-संरक्षण और संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। इस अवसर पर धमतरी जिला गो सेवा आयोग के अध्यक्ष हेमराज सोनी, रायगढ़ जिला अध्यक्ष बंशीधर बाजिया, महासमुंद जिला अध्यक्ष निलेश पटेल सहित जितेन्द्र पटेल, प्रशांत पटेल एवं किशोर साहू प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। बैठक में गो धाम योजना के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं और इसके माध्यम से गोवंश संरक्षण को और प्रभावी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि गो धामों को केवल गोवंश के संरक्षण और देखभाल तक सीमित न रखते हुए उन्हें स्थानीय रोजगार एवं स्वरोजगार के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले गो-आधारित उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और उनके उपयोग को प्रोत्साहित करने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फॉर वोकल तथा स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के संकल्प को मजबूती मिलेगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ ही गो-संरक्षण को आर्थिक गतिविधियों से जोडऩे में भी मदद मिल सकती है।
