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स्थानीय समस्याएँ व मुद्दे चुनाव से गायब, राज्य व राष्ट्रीय मुद्दों पर प्रत्याशी मांग रहे वोट

डे्रनेज सिस्टम, स्मार्ट सिटी, मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज, सड़को की खराब दशा, अतिक्रमण, अवैध खनन, परिवहन, बिगड़ती कानून व्यवस्था, रोजगार के स्थानीय अवसर, गोकुलनगर जैसे मुद्दो पर नहीं दिया जा रहा ध्यान

धमतरी । प्रदेश में दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव के तहत 17 नवम्बर को धमतरी जिले के तीनों विधानसभाओं में मतदान होगा। जिसके लिए प्रत्याशियों द्वारा धुआंधार प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। प्रचार हेतु स्थानीय नेताओं सहित बाहर के नेता भी पहुंच रहे है। उक्त चुनाव में अब तक प्रचार, प्रसार के दौरान मतदाताओं को रिझाने राज्य, राष्ट्रीय यहां तक अन्तर्राष्ट्रीय मुद्दों पर वोट मांगे जा रहे है। लेकिन स्थानीय मुद्दों पर चर्चा तक नहीं की जा रही है। भाजपा-कांग्रेस के नेताओं द्वारा प्रचार के दौरान अपने घोषणा पत्र के वादो पर चुनाव वोट मांगा जा रहा है। घोषणा पत्र में ज्यादातर मुफ्त की रेवडियां पर ज्यादा फोकस किया गया है। घोषणा पत्र में गरीब व किसान वर्ग को विशेष लाभ देने का प्रयास पार्टियों द्वारा किया गया है। लेकिन उच्च, मध्यम वर्गीय या टैक्स पेयर्स के लिए योजनाओं व लाभ के नाम पर ज्याद कुछ नहीं होने के कारण उनमें थोड़ी नाराजगी देखी जा रही है। बता दे कि अभी तक चुनाव में जिले में स्थानीय मुद्दे ही गायब है। सिर्फ राज्य व राष्ट्रीय मुद्दों पर फोकस किया जा रहा है। जबकि कई सालों से कुछ ज्वलंत मुद्दों व मांग है जो आज तक पूरे नहीं हुए है। हाईटेक बस स्टैण्ड, स्मार्ट सिटी, मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज, औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना, रोजगार के नये स्थानीय अवसर, गोकुल नगर, बदहाल ड्रेनेज सिस्टम सड़कों की खराब दशा अतिक्रमण, अवैध रेत उत्खनन परिवहन, बिगड़ती कानून व्यवस्था, स्वच्छता आदि जैसे अहम स्थानीय मुद्दों पर अब तक ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। कांग्रेसी राज्य की भूपेश सरकार व भाजपाई केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की उपलब्धि गिना रहे है। लेकिन जनता को राज्य व देश के साथ स्थानीय समस्याओं से मुक्ति चाहिए।
दशको बाद बायपास और ब्राडगेज मुद्दे से हुए बाहर


बता दे कि दशको तक हुए हर चुनाव में जिले में विशेषकर धमतरी विस से दो बहुप्रतिक्षित मांग बायपास और ब्राडगेड शामिल रहा है। आखिरकार सालों पुरानी यह मांग पूरी होने की ओर है। बायपास तो बनकर तैयार हो चुका है। जबकि ब्राडगेज बड़ी रेल लाईन का कार्य प्रगति पर है। जनता ने दशकों तक उक्त दोनो बड़ी सौगातों के लिए संघर्ष किया है। कई मौको कई मंच आंदोलन धरना प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांग से राज्य व केन्द्र सरकार को अवगत कराती रही। आखिरकार मांग पूरी होने की ओर है। इसी प्रकार कोलियारी खरेंगा दोनर जोरातराई मार्ग निर्माण चौड़ीकरण हेतु दो दशक की मांग के बाद स्वीकृति मिली इससे कई चुनावो बाद यह मुद्दा और मांग चुनाव से गायब है।

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