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कलस्टर प्रभारी अजय चन्द्राकर की सफल रणनीति से कुरूद विस में हर राउंड में भाजपा को मिली बढ़त

कुरूद विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने 24929 मतों से बनाई बढ़त

मूलचंद सिन्हा

कुरुद। महासमुंद लोकसभा सीट से प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू को भाजपा की रूप कुमारी चौधरी ने 1, 45, 456 मतो के एक बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी है और यहां की प्रथम महिला सांसद होने का गौरव हासिल करने के साथ ही वह अपनी जीत के माध्यम से कभी सूबे की राजनीति के छत्रप रहे विद्याचरण शुक्ल के जीत के मार्जिन का रिकार्ड तोडऩे में भी सफल रही है। महासमुंद लोकसभा चुनाव का चार-चार बार चुनाव का संचालन करने वाले वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने इस चुनाव में भी डेढ़ लाख से ज्यादा मतों से भाजपा को बढ़त दिलाते हुए अपने कुशल प्रबंधन और राजनीतिक कौशल का लोहा मनवाया। विदित हो कि 2009, 2014 के लोकसभा चुनाव में चंदुलाल साहू सांसद चुने गए। 2019 में चुन्नीलाल साहू ने जीत हासिल की थी। और इस चुनाव के चुनाव प्रभारी एवं बस्तर कलस्टर प्रभारी रहे अजय चंद्राकर ने बस्तर, कांकेर और महासमुंद में जीत दिलाई। 1950 से लेकर 2024 के मध्य 17 लोकसभा चुनाव में पहली बार किसी राष्ट्रीय पार्टी से रुपकुमारी चौधरी के रूप में महिला प्रत्याशी मैदान में थीं और उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी व पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू को करारी शिकस्त देते हुए बुरी तरह से हराया। गौरतलब है कि 1984 के चुनाव में यहां विद्याचरण शुक्ल ने रमेश अग्रवाल को 1,39,140 मतो के अंतर से पराजित किया था। चुनाव में कुरूद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की प्रत्याशी रूप कुमारी चौधरी लगातार हर राउंड में जीत दर्ज की। कुरूद विधानसभा क्षेत्र से पहले राउंड में 1056, दूसरे राउंड में 2506, तीसरे राउंड में 2476, चौथे राउंड में 1322, पांचवे राउंड में 1269, छटवे में 1370, सातवे में 2315, आठवें में 2125, नववे में 753, दसवें 770, 11 वें राउंड में 1107, 12 वें राउंड में 1645, तेरहवे राउंड में 1623, 14 वें राउंड में 1622, 15 वें राउंड में 1615 मतों सोलहवे राउंड में 473, 17 वे राउंड में 1687 मतों से भाजपा प्रत्याशी को जीत मिली। इस तरह कुरूद विधानसभा क्षेत्र से कुल 24929 मतों से भाजपा को बढ़त मिली। राजनीतिक पंडित ताम्रध्वज साहू के नाम की घोषणा होते ही यह मानकर चल रहे थे, कि तमाम झंझावतों के बाद भी यदि वे यहाँ से चुनाव जीत जाते है, तो प्रदेश के जातिगत समीकरणों के मद्देनजर कांग्रेस आलाकमान के समक्ष पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विकल्प के रुप में एक मजबूत चेहरा हो सकते है। लेकिन वे पहले दुर्ग ग्रामीण से विधानसभा चुनाव हारने के बाद अब महासमुंद संसदीय क्षेत्र से भी हार हार गये। बहरहाल साहू बाहुल्य इस सीट पर अब तक के रिकॉर्ड मतो से हारने वाले प्रत्याशी के रूप में ताम्रध्वज साहू का नाम दर्ज हो गया है।

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