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सुप्रीम कोर्ट के फैसले का महासमुंद सांसद रुपकुमारी चौधरी ने किया स्वागत

धमतरी। सांसद रूपकुमारी चौधरी ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसमें कहा है कि कोई भी तलाकशुदा मुस्लिम महिला सीआरपीसी की धारा 125 के तहत पति से गुजारा भत्ता लेने की हकदार है। यह फैसला ऐतिहासिक है और तीन तलाक के चलते अपने भविष्य और अस्तित्व को लेकर फिक्रमंद मुस्लिम महिलाओं को इस फैसले से काफी राहत महसूस हुई है। सांसद ने आगे कहा कि यह फैसला सन 1986 में कांग्रेस की तत्कालीन केंद्र सरकार की तुष्टीकरण की राजनीति से प्रेरित उस भूमिका पर सवाल खड़ा करता है जब शाहबानो मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलटने के लिए तत्कालीन राजीव सरकार ने संविधान बदल डाला था। उन्होंने कहा कि मुस्लिम जमात का वोट बैंक के तौर पर सियासी इस्तेमाल तो कांग्रेस खूब करती है लेकिन मुस्लिम महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय से आँखें मूंद लेती है। केंद्र में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार बनी तब पहली बार तीन तलाक पर बने सख्त कानून से मुस्लिम महिलाओं को सामाजिक व पारिवारिक सुरक्षा की गारंटी मिली। सुप्रीम कोर्ट के इस ताजा फैसले के बाद अब समय आ गया है कि देश का जनमानस समान नागरिक संहिता यूसीसी को लेकर सकारात्मक वातावरण बनाए ताकि सभी वर्ग, समुदाय व धर्म की महिलाओं का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित हो। श्रीमती चौधरी ने कहा कि न्यायालय के इस आदेश से परिवार के टूटने की आशंका कम होगी। उन्होंने शरीयत का हवाला देकर मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड द्वारा इस फैसले का विरोध करने को दुर्भाग्यपूर्ण माना।

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