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धान खरीदी 1 के बजाय 15 नवम्बर से क्यों ? यह धान खरीदी में देरी भाजपा सरकार की नाकामी – ओंकार साहू

धमतरी। विधायक ओंकार साहू ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार तब धान खरीदी 1 नवंबर को शुरू हो जाती थी जिससे किसान फसलों के रखरखाव, बेमौसम बरसात के कारण फसल बर्बादी के संकट व आर्थिक जोखिम से बच जाते थे और किसानों को धान बेचते ही तुरंत पैसा मिल जाता था कांग्रेस के शासनकाल में किसान खुश थे मगर आज किसान विरोधी भाजपा सरकार के आने से धान खरीदी की समय को 1 से बढ़ाकर 15 नवंबर कर दिया गया है जो किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है किसान धान खरीदी में देरी को लेकर गुस्सा हैं क्योंकि आगामी एक हफ्ते में छत्तीसगढ़ की किसानो का फसल कटना शुरु हो जायेगा। इस महीने भर के देरी के बीच में किसान धान बेचने के लिए सरकार का मुँह ताकते रह जाएंगे साथ में किसानो के पास रखरखाव व कर्ज की समस्या उत्पन्न हो जायेगी। इससे उन्हे सोसायटी में धान बेचने के लिए तीन गुना बोझ पड़ेगा। इस तरह भाजपा सरकार में 1 नवंबर को धान खरीदी ना कर पाना भाजपा सरकार की नाकामी है। अगर धान खरीदी 1 नवंबर को होता तो कर्ज में डूबे किसानों का ब्याज का भार कम होता क्योंकि छत्तीसगढ़ का अधिकतर किसान कर्ज लेकर ही किसानी करता हैं दूसरी बात अगर 15 नवम्बर को धान खरीदी होंगी तो सोसाइटी में धान का आवक बढ़ जायेगा जिससे किसानो को धान बेचने के लिये लम्बे दिनों का इंतजार करना पड़ेगा इस तरह सभी किसान अपना धान सुचारु व सुव्यवस्थित रूप से जल्दी नहीं बेच पाएंगे। किसानो को टोकन के लिए इंतजार करना पड़ेगा तीसरी बात अभी भाजापा सरकार धान खरीदी के लिए पुन: 37 हजार करोड़ का लोन लेने कि तैयारी कर रही हैं जो छत्तीसगढ़ की बर्बादी का कारण बनेगी। धमतरी विधायक ओंकार साहू ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय व भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा भाजपा की डबल इंजन की सरकार पूरी तरह असफल हो चुकी है। क्या विष्णु देव सरकार के पास केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ के धान खरीदी के लिए विशेष पैकेज की मांग करने की क्षमता नहीं है ?।

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