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मानव जब अपना सर्वस्व प्रभु चरणों में अर्पित कर दे उसी में जीवन का कल्याण है – कौशिक महाराज

धमतरी। पांच दिवसीय शिवमहापुराण कथा एवं गायत्री महायज्ञ के विराम दिवस पर ग्राम झिरिया में बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे। भगवान शिव के विविध अवतार और बारह ज्योतिर्लिंग कथा के दौरान भीड़ में भक्तगण डटे रहे। कथावाचक कौशिक महाराज ने अनेक प्रसंगों को सुनाते हुए कहा कि संत वही है जो भला बुरा कहने वाले पर सामान्य बना रहता है। क्रोध का परित्याग पहला लक्षण है। जीवन में सबको ज्ञान देना भी उचित नहीं, जो उसके अधिकारी हैं उन्हीं को समझाएं। रावण, दुर्योधन, कंस को कितनों ने समझाया पर वे नहीं माने। मानव प्राणी जब अपना सर्वस्व प्रभु चरणों में अर्पित कर दे उसी में जीवन का कल्याण है, जिसमें शिव बसते हैं। आगे उन्होंने कहा कि समस्त ब्रह्मांड का हर एक तत्व परमात्मा का दिया है, हमे उपयोगार्थ प्रदान किए हैं। इसे तहस नहस कर ना लौटाएं। उसके हर स्वरूप को सुरक्षित और संरक्षित रखना भी हमारा कर्तव्य है। कार्यक्रम का संचालन सुरेशचंद्र सिंहसार ने किया। शिवमहापुराण कथा के मुख्य यजमान प्रेमलाल लक्ष्मी बाघमार, जितेंद्र मोहिनी पटेल, डोमन रेखा चंद्राकर, अशोक पटेल ने अपनी सेवाएं प्रदान की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सरपंच शेखर पटेल, प्रहलाद सिन्हा, पुनीत चंद्राकर, उत्तम चंद्राकर, मनराखन ध्रुव, आशीष चंद्राकर, रामप्यारी ध्रुव, सखाराम साहू, अघारी राम निषाद, नरेंद्र सिन्हा, हरिश्चंद्र ध्रुव, कुंजलाल, दिलीप सिन्हा, रामाधार, डॉ छेदन राम सिन्हा, बल्लू साहू, नारद साहू, लालजी साहू, मनसा राम ध्रुव, लखन धीवर, कुमार साहू उपस्थित थे।

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