जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है बड़ो के आदर्श – सरिता दीदी

धमतरी। ब्रह्माकुमारीज़ की मुख्य प्रशासिका 101 वर्षीय दादी रतनमोहिनी की याद में श्रद्धांजली सभा आयोजित की गई। इसमें सरिता दीदी ने दादी के साथ के अपने अनुभव सांझा किए। इस दौरान शहर के ब्रह्माकुमारिज से जुड़े सैकड़ो लोग उपस्थित रहे। श्रद्धांजली सभा के दौरान राजयोगिनी सरिता दीदी ने कहा कि दादी का जीवन अपने आप में प्रेरक, आदर्श और महान था। बड़ों की छत्रछाया होना ही हमारे लिए सबसे बड़ी पूंजी होती है। दादी का जीवन चरित्र और आदर्श सदा हम सबका मार्गदर्शन करते रहेंगे। दादी के मार्गदर्शन में इस ईश्वरीय विश्व विद्यालय ने अनेक कीर्तिमान स्थापित किए। दादी ने सेवाओं को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा था उसे हम सभी मिलकर पूरा करेंगे। दादी अव्यक्त होकर भी उनकी यादें, शिक्षाएं और प्रेरणा हमारा मार्गदर्शन करती रहेंगी। रायपुर रोड स्थित सांकरा ओवर ब्रिज के निचे ब्रह्मा कुमारिज के तपोवन में सर्वप्रथम सुबह 7 बजे से राजयोग ध्यान का अभ्यास कर ईश्वरीय महावाक्य मुरली सुनाई गई । इस दौरान सभी ने दादी के जीवन संस्मरणों को और उनकी पालना को याद करते हुए राजयोग के माध्यम से एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजली अर्पित की।
