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अक्ती पर बच्चों ने रचाई गुड्डे-गुडिय़ों की शादी

गांवों में ठाकुर देवता की पूजा अर्चना कर दोना चढ़ाकर की गई अच्छी बारिश व फसल की कामना, कई जोड़े बंधेंगे परिणय सूत्र में


धमतरी। आज अक्ती पर्व को लेकर बच्चों में विशेष कर उत्साह नजर आ रहा है। इस बार अक्षय तृतीया पर शुभ मुहूर्त में कई जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे वहीं बच्चों द्वारा परंपरानुसार गुडड्े -गुडिय़ों की शादी करायी जा रही है। पर्व को लेकर पिछले कई दिनों से मिट्टी से बने गुडड्े -गुडिय़ों की बिक्री हो रही है। आज अक्ती पर्व पर वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में ठाकुर देव की पूजा अर्चना की गई। ग्रामीण ठाकुर देव को प्रसन्न करने अक्ती पर पूजा अर्चना कर दोना चढ़ाते हैं। गांव व परिवार की खुशहाली के लिए कामना करते है वहीं बुजुर्गो ने बताया कि उनके पूर्वजों से यह पंरपरा चली आ रही है जिसे वे आगे बढ़ा रहे हैं। आज के दिन बच्चे मिट्टी के दुल्हा-दुल्हन का ब्याह रचाते हैं और टिकावन की रस्म भी पूरी की जाती है।
घट रहा उत्साह
बता दे कि विगत कुछ सालों में अक्ती पर्व पर आधुनिकता हावी होने लगा है। अब अक्ती का व्यापार भी सीमित होने लगा है। पहले कन्याओं में अक्ती पर्व को लेकर विशेष उत्साह रहता था लेकिन इस बार अक्ती पर्व को लेकर उत्साह कम नजर आ रहा है। शादी सीजन को लेकर बाजार में रौनकता भी कम दिख रही है। खासकर सोना, चांदी, कपड़ा, फर्नीचर, किराना सहित शादी से संबधी सामानों को लेकर दुकानों में पहले अक्ती पर ग्राहको की भीड़ नजर आती थी। इस बार रौनकता कम है। अक्षय तृतीया को लेकर टीम अलर्ट है। जो बाल विवाह पर पैनी नजर रखेगी। कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में अज्ञानता व अशिक्षित होने के कारण बाल विवाह के मामले सामने आते है, जिसे रोकने प्रशासन अलर्ट है।

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