Uncategorized

खरीफ सीजन की तैयारी पूरी : खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित, किसानों को समय पर मिलेगा उर्वरक

कलेक्टर के मार्गदर्शन में वितरण व्यवस्था सुदृढ़, कालाबाजारी रोकने विशेष निगरानी तंत्र सक्रिय

धमतरी- आगामी खरीफ मौसम को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। किसानों की सुविधा और कृषि कार्यों की निर्बाध प्रगति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सहकारी समितियों, निजी विक्रेताओं तथा भंडारण केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक एवं बीज उपलब्ध कराए गए हैं। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में खाद-बीज वितरण व्यवस्था की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की 96 सहकारी समितियों में अब तक 8185.70 क्विंटल प्रमाणित बीज का भंडारण किया जा चुका है, जिसमें से लगभग 40 प्रतिशत बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है। इसी प्रकार सहकारी एवं निजी क्षेत्र में 26,625 मीट्रिक टन उर्वरक किसानों के लिए उपलब्ध है। जिले में यूरिया, डीएपी सहित अन्य आवश्यक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है तथा किसानों की मांग के अनुरूप निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।कृषकों को सुविधा प्रदान करने के लिए सहकारी समितियों के साथ-साथ निजी उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से भी खाद-बीज उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों को अपने निकटतम केंद्रों से ही आवश्यक सामग्री प्राप्त हो सके। विभाग द्वारा वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने हेतु नियमित निरीक्षण एवं स्टॉक की निगरानी की जा रही है।उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर विशेष जांच दल (उड़नदस्ता) तथा नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए गए हैं। कालाबाजारी, जमाखोरी, अधिक मूल्य वसूली तथा नकली खाद-बीज के विक्रय पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जा रही है।कृषि विभाग ने बताया कि वैश्विक परिस्थितियों एवं संभावित आपूर्ति चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों की वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। किसानों को नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग के संबंध में भी जागरूक किया जा रहा है। ये आधुनिक उर्वरक फसल पोषण की दृष्टि से प्रभावी होने के साथ-साथ उर्वरक उपयोग दक्षता बढ़ाने में भी सहायक हैं।
विभागीय अधिकारियों द्वारा मैदानी, विकासखंड एवं जिला स्तर पर लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं। साथ ही किसानों को कृषि वैज्ञानिकों की अनुशंसा के अनुरूप संतुलित उर्वरक उपयोग, प्रमाणित बीजों के चयन तथा उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि खरीफ सीजन में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सके.कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रय केंद्रों से ही खाद एवं बीज क्रय करें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता, कालाबाजारी अथवा अधिक मूल्य वसूली की सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक 07722-232249 पर दें।
जिला प्रशासन किसानों के हितों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है तथा खरीफ सीजन के दौरान प्रत्येक कृषक को समय पर, पर्याप्त मात्रा में और निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!