कोरोना के खतरे को देखते हुए 25 वेटिंलेटर बेड व 80 ऑक्सीजन सिलेंडर है इमरजेंसी के लिए तैयार
सर्दी, खांसी, बुखार, निमोनिया जैसे लक्षण वाले मरीजों का कराया जा रहा कोरोना टेस्ट
देश में बढ़ रहे कोरोना मामले को देखते हुए सावधानी हेतु कोरोना गाईड लाईन का पालन करने दिए जा रहे निर्देश

धमतरी। एक बार फिर कोरोना तेजी से फैलने लगा है। देश में कोरोना के आकड़े लगातार बढ़ते जा रहे है। साथ ही मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। जिससे एक बार फिर कोरोना के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है।
मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में कोरोना के खतरे से निपटने पहले ही तैयारी कर ली गई है। 25 वेन्टीलेटर बेड, 80 आक्सीजन सिलेंडर इमरजेंसी के लिए तैयारी है। साथ ही कई आक्सीजन बेड भी रेडी मोड पर है। अस्पताल में एन 95 मास्ट, पीपीई किट, एंटीजन किट की व्यवस्था है। इससे स्पष्ट है कि स्वास्थ्य अमला कोरोना के खतरे को लेकर सर्तक है। वर्तमान में अस्पताल पहुंचने वाले सर्दी, खांसी, बुखार, निमोनिया जैसे लक्षण वाले मरीजों का एंटीजन कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है। हालांकि अभी तक जिले में पॉजीटिव नहीं मिले है। लेकिन देश में बढ़ते कोरोना मरीजों को देखते हुए सावधानी हेतु कोरोना गाईड लाईन के पालन के निर्देश दिये जा रहे है।
जेएन 1 और एलएफ 7 वेरिएंट के देश में मिल रहे मरीज
देश मे बढ़ते कोरोना मामले में वर्तमान में सर्वाधिक जेएन 1 और एलएफ 7 वेरिएंट के मरीजों के लिए खतरा माना जा रहा है। हालांकि उक्त वेरिएंट की पुष्टि के लिए जीनोम सिक्वेसिंग की आवश्यकता होती है। डब्ल्यूएचओ ने पहले ही जेएन 1 को वेरिएंट आफ इंटरेस्ट घोषित किया है। यह वेरिएंट खतरनाक है। क्योंकि उक्त वेरिएंट वैक्सीनेशन या पूर्व संक्रमण से बने प्रतिरोधक क्षमता को भी मात दे सकता है।
इन्हें है ज्यादा खतरा
जबसे कोरोना अस्तित्व में आया है कुछ विशेष वर्ग को ज्यादा खतरा रहा है। वर्तमान में भी बढऩे मामलो को देखते हुए कुछ विशेष वर्ग को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी जा रही है। जिसमें नवजात शिशु व छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, गंभीर बीमारियों से पीडि़त मरीज, बुजुर्ग आदि शामिल है.



