युक्तियुक्तिकरण नहीं शिक्षा युक्त छत्तीसगढ चाहिए-लेखराम साहू
पूर्व विधायक कुरुद ने कहा,किसान की आय पांच साल में दोगुनी करने वाली डबल इंजन की सरकर अब किसानो के साथ छल करते हुए उनके आय में रोक लगाने वाली सरकार बन गई है

पूर्व विधायक कुरूद लेखराम साहू ने कहा कि मोदी की गांरटी से चलने वाली छ.ग. सरकार छ.ग. के 10297 सरकारी स्कूल बंद कर छ.ग. मे 674 शराब दुकान में 67 दुकान वृद्धि हो जाने से अब छ,ग, में कुल शराब दुकानो कि संख्या 741 हो जायेगी। यह छ.ग. के लिए बडी दुर्भाग्य कि बात है। छ.ग. सरकार की युक्तियुक्तिकरण नीति का उददेश्य भले ही शिक्षक संसाधनो का बेहतर प्रबंधन हो लेकिन इसकी कियान्वयन की हकीकत ग्रामीण आदिवासी और दुरस्थ अंचलो के बच्चों के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह खडा कर रही है। स्कूलों के शिक्षको का हटना और पदो का रिक्त होना शिक्षा व्यवस्था को खोखला बना रहा है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 25 स्पष्ट कहती है कि प्राथमिक विद्यायलो में शिक्षक छात्र अनुपात अधिनियम 30:1 हो उच्च प्राथमिक स्तर पर यह अनुपात 35:1 तक हो सकता है। प्रत्येक विद्यायल में एक प्रधान पाठक की नियुक्ति अनिवार्य होनी चाहिए लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई विद्यायल में सिर्फ एक शिक्षक कार्यरत है। छ, ग, कि भाजपा सरकार स्कूल को बंद कर शराब दुकानो में वृद्धि कर सबित किया है कि यह सरकार छ.ग. के छात्र एवं छात्राओ के भविष्य को अशिक्षा के खाई में धकेल रहा है।अशिक्षा से भारत पिछड सकता है। और सरकार विकसित भारत की बात करती है। इस स्थिति में विकसित भारत की कल्पना करना सपना ही रह जायेगा।
लेखरामसाहू पूर्व विधायक कुरूद ने कहा कि धान के समर्थन मूल्य में मात्र 69 रू. की वृद्धि इतना कम है कि 1 लीटर पेट्रोल और डीजल के मूल्य से भी कम है।किसान की आय पांच साल में दोगुनी करने वाली डबल इंजन की सरकर अब किसानो के साथ छल करते हुए उनके आय में रोक लगाने वाली सरकार बन गई है। आज पेट्रोल और डीजल की कीमत 100 रू, हो गया है। और सरकार किसानो के धान के समर्थन मुल्य में अपर्याप्त 69 रू, वृद्धि कर किसानो के हितैसी कहे जाने वाले भाजपा की सरकार अब किसानो के जेब काटने वाले सरकार लग रहा है। लेखराम साहू का कहना है कि पिछले साल धान के एम एस पी में 5.36 प्रतिशत वृद्धि हुई थी जिससे धान की कीमत 2183 रू, से 117 रू, बढ़ते हुए 2300 रू. प्रति क्विंटल किया गया था लेकिन इस बार मात्र 3 प्रतिशत बढा कर धान का मुल्य 2369 रू, अर्थात 69 रू, प्रति क्विटल की है। जबकि मंहगाई वृद्धि दर लगभग 8 प्रतिशत तक बढ़ चुका है 2022 तक किसानो की आय दुगुनी करने और सी-2 फार्मूले से लगातार 50 प्रतिशत लाभ देने का वादा कर के सत्ता में आयी सरकार ने एक बार फिर किसानो को धोखा दिया है।कृषि लागत में नगदी खर्च खाद बीज पानी रसायन मजदूरी के साथ और उससे जुडी खर्च पर लगने वाले ब्याज को भी शामिल किया जाना चहिए। आज मंहगाई लगभग 8 प्रतिशत से अधिक है लेकिन किसान विरोधी मोदी सरकार ने एम एस पी में मात्र 3 प्रतिशत का ही वृद्धि की है।