मन, इन्द्रियों को नहीं जीता तो मनुष्य जीवन का उद्देश्य अधूरा ही रहेगा – स्वामी भगत प्रकाश
चालीहा महोत्सव के 20 वें दिन का चालीसा पाठ एवं सत्संग भजन कीर्तन का आयोजन


धमतरी। आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज के 139 वें जन्मोत्सव पर जारी चालीहा महोत्सव के 20 वें दिन का चालीसा पाठ एवं सत्संग भजन कीर्तन का कार्यक्रम श्री प्रेम प्रकाश आश्रम परिसर में रात्रि 9.30 से 10.30 तक आयोजित कराया गया। अनेक भक्तों ने भजन गाया। जिसमें रेखा वाधवानी सरला वाधवानी मनीषा रोहरा राजकुमारी वाधवानी एवं भावी वाधवानी शामिल थे एवं चालीसा पाठ हेमंत वाधवानी सौरभ लालवानी तरुण छुगानी मनीष वाधवानी बंटी वाधवानी हितेश रोहरा आदि एवं उपस्थित सभी गुरुभक्तों के द्वारा मिलकर किया गया। स्वामी भगत प्रकाश जी महाराज ने आचार्यश्री के जितेन्द्रिय होने की महिमा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आचार्यश्री ने यह विचार कर कि अगर जगत को जीत लिया एवं मन इन्द्रियों को नहीं जीता तो मनुष्य जीवन का उद्देश्य अधूरा ही रहेगा क्योंकि जगत के सारे पदार्थ यहीं रह जाएंगे खाली हाथ संसार में आए हैं और खाली हाथ ही लौटना है केवल ईश्वर का भजन ही साथ चलने वाला है।
