शिक्षको व अन्य खाली पदो के विरोध में शंकरदाह स्कूल में की गई तालाबंदी
दो घंटे विरोध के बाद डीईओ के आश्वासन पर खोला गया ताला

धमतरी। जिले के कई स्कूलो में नये शिक्षण सत्र शुरु होने के बाद लगातार स्कूलो में तालाबंदी हो रही है। छात्र-छात्राएं व परिजन अव्यवस्था व शिक्षकों की कमी के मुद्दे पर तालाबंदी करने मजबूर हो रहे है। लगभग 2 घंटे तक बंद रहने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी के आश्वासन पर ताला खोला गया, पढ़ाई शुरू हुई। मिली जानकारी के अनुसार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शंकरदाह में ग्रामीणों ने आज स्कूल गेट पर तालाबंदी की और अपनी मांगो को प्रमुखता से दोहराया। शाला विकास समिति अध्यक्ष हेमंत कुमार साहू ने बताया कि शाला में विभिन्न समस्या है जिसमें पूर्ण कालिक प्राचार्य, वाणिज्य, भौतिक, और संस्कृत के व्याख्याता के रिक्त पद भृत्य के चार रिक्त पद, सहायक ग्रेड तीन के रिक्त पद और संस्था के संलग्न ग्रंथपाल प्रतिमा देशमुख का संलग्नीकरण समाप्त कर मूल संस्था में वापसी के लिए कई बार जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग को आवेदन दिया लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो पाया है। पूर्व में शाला प्रवेशोत्सव का बहिष्कार किया तथा तालाबंदी की चेतावनी दिया गया था, इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे नाराज ग्रामीणों ने आज स्कूल में ताला लगाकर प्रदर्शन किया। जिला शिक्षा अधिकारी टी आर जगदल्ले, नायब तहसीलदार जितेंद्र डहरे,अर्जुनी थाना प्रभारी चंद्रकांत साहू पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए थे। लगातार समझाइश और आश्वासन के बाद ताला खोला गया। इसके बाद डीईओ की सभी प्रमुख लोगों के साथ बैठक हुई। आश्वस्त किया गया कि यहां पर परीक्षा परिणाम बेहतर करने के लिए प्रयास किए जाएंगे और शिक्षकों की समस्या को भी हल किया जाएगा इसके बाद पढ़ाई शुरू हुई। जिला शिक्षा अधिकारी टी आर जगदल्ले ने कहा कि यहां शिक्षकों की कोई विशेष समस्या नहीं है। प्राथमिक और मिडिल भी यहां लगता है आपसी सामंजस्य में पढ़ाया जा सकता है। ग्रंथपाल जिला शिक्षा कार्यालय में अटैच है जिसे वापस बुलाया जाएगा। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य मोनिका देवांगन, उप सरपंच विनोद डिंडोलकर, रामकृष्ण ध्रुव, अमृत ध्रुव, गोपेश साहू, डोड़की उपसरपंच शुभम सिन्हा,पालक समिति अध्यक्ष सोमन देवांगन सहित अन्य पालक व शाला विकास समिति के सदस्य मौजूद थे।

