जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और गड्ढो में कीचड़, पानी से बढ़ी हादसे की आंशका
बारिश के मौसम में रत्नाबांधा और सिहावा रोड का सफर हुआ जोखिम भरा
ग्राम पंचायत से भी बदहाल है धमतरी नगर निगम की कुछ सड़के

धमतरी। नगर निगम धमतरी वैसे तो विकास के नये आयाम स्थापित कर रहा है। आये दिन करोड़ो की स्वीकृति मिल रही है बधाई, आभार का दौर चल रहा है। लेकिन लोग भविष्य के विकास से खुश कम और वर्तमान की दुर्दशा से दुखी ज्यादा है। क्योंकि शहरवासियों को बेसिक बुनियादी सुविधा भी ठीक से उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
बता दे कि सड़क सुविधा विकास का आईना माना जाता है। लेकिन इस हिसाब से धमतरी का विकास से दूर-दूर तक वास्ता नहीं है। क्यों शहर सीमा के भीतर स्टेट हाईवे की स्थिति इतनी खराब है कि इस मार्ग से आवागमन करें तो जान का जोखिम और हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है, बारिश के मौसम में सड़क की दुर्दशा कई गुणा बढ़ गई है। रत्नाबांधा रोड और सिहावा रोड पर सड़क पर कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गये है। बारिश के कारण इन गड्ढो की गहराई का सही अंदाजा नहीं हो पाता ऐसे में वाहन चालको का नियंत्रण बिगड़ जाता है और हादसों का खतरा और भी बढ़ जाता है। इन मार्गो पर सालों से ड्रेन टू ड्रेन सड़क निर्माण की मांग की जा रही है। ताकि यहां से कीचड़ और धूल की समस्या से राहत मिल पाये। कई बार घोषणा दावे उक्त सड़क निर्माण के किये गये है लेकिन वर्तमान में तो इन सड़को की स्थिति दयनीय है। ऐसे में लोगों का कहना है कि धमतरी नगर निगम अन्तर्गत कई प्रमुख सड़को की स्थिति ग्राम पंचायतों से भी बदतर है। विडम्बना है कि उक्त सड़क की दशा सुधारने ठोस मरम्मत पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बारिश थमी तो धूल की समस्या
रत्नाबांधा और सिहावा रोड के व्यापारियों और निवासियों ने चर्चा के दौरान बताया कि बारिश में सड़क पर कीचड़ और गड्ढो से परेशानी होती है। और बारिश थम जाये तो सड़क पर धूल का गुबार छाया रहता है और दिन भर छोटे बड़े वाहनों के आवागमन के कारण घरो दुकानों में धूल की पल-पल परत जमती रहती है। यहां तक कि खाद्य सामाग्रियों, कपड़ो को भी बचा कर रखना पड़ता लगातार धूल के सम्पर्क में रहने के कारण स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
