शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल का निरीक्षण, नंपअध्यक्ष ने आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति अपनाने की दी सलाह

भखारा-विशेष स्वास्थ्य सेवा और उपचार विकल्प प्रदान करने के लिए, आयुर्वेद को आठ शाखाओं में विभाजित किया गया है जिन्हें सामूहिक रूप से अष्टांग आयुर्वेद के रूप में जाना जाता है। ये शाखाएँ आंतरिक चिकित्सा, स्त्री रोग, प्रसूति और बाल रोग, मनोचिकित्सा, ईएनटी, सर्जरी, विष विज्ञान, जराचिकित्सा और यौन विकारों से संबंधित हैं। भखारा के शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में उपस्थित डॉक्टर द्विवेदी एवं अन्य सहयोगियों द्वारा आयुर्वेदिक इलाज किया जाता है।बच्चों के व्याधिक्षमत्व, पाचन शक्ति, स्मरण शक्ति, शारीरिक शक्ति वर्धन एवं रोगों से बचाव के लिए शासकीय आयुर्वेद चिकित्सालय में बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया। शासकीय आयुर्वेद चिकित्सालय के आयुष विभाग द्वारा तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाता है। स्वर्णप्राशन के साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण भी किया गया। शास्त्री आयुर्वैदिक अस्पताल के पदेन अध्यक्ष के रूप में नगर पंचायत अध्यक्ष ज्योति हरख जैन ने कार्यकलापों की जानकारी ली। एवं मीटिंग संपादित की।जीवनदीप समिति के मनोनीत सदस्य प्राचार्य राजकुमार गंजीर हैं।इस अवसर पर हरख जैन,उपाध्यक्ष विष्णु साहू, पार्षद गण छबिलाल निर्मलकर, हितेंद्र साहू,भुवनेश्वरी चंदेल, चक्र सुदर्शन चंदेल आदि उपस्थित थे।