पारंपरिक खेल कबड्डी, खो-खो से बनेगी छत्तीसगढ़ की नई पहचान – तारिणी नीलम चन्द्राकर
अरौद में जोन स्तरीय छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक का समापन

मूलचंद सिन्हा
कुरुद। ग्राम अरौद(मेघा) में जोन स्तरीय छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक का समापन हुआ। जिसकें मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति श्रीमति तारिणी नीलम चन्द्राकर थे। उन्होने कहा कि सरकार का यह वाक्य खेलबो-जीतबो-गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ आज खिलाडिय़ों के उत्साह से झलक रहा है, पारंपरिक खेल से नए छत्तीसगढ़ का सृजन हो रहा है। आने वाला भविष्य युवाओं का छत्तीसगढ़ होगा। खेल जीत हार से बढ़कर मानव जीवन के उत्तम स्वास्थ्य का आधार है, किसी भी राज्य कि पहचान वहाँ कि संस्कृति, रहन-सहन के साथ साथ खेल का भी नाम रहता है, जैसे हरियाणा कि पहचान कुश्ती से है तो मुंबई कि पहचान क्रिकेट से, बंगाल कि पहचान फुटबाल से उसी तरह छत्तीसगढ़ का भी अपना पारंपरिक खेल कबड्डी, खो-खो से नई पहचान बनेगी। दुरदर्शिता सोच रखने वाले भुपेश बघेल ने खेलो को बढ़ावा देने और उत्तम स्वास्थ्य हेतु छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक कि शुरुआत किए जिसका उत्साह खिलाडिय़ों को देखकर ही पता चल रहा है।

इस शुभ अवसर पर सरपंच रुखमणी साहू अरौद , नोडल अधिकारी जनपद पंचायत मगरलोड, पुरुषोत्तम साहू, साधु राम साहू , उमेश कुमार, नवदीप साहू, अश्वनी शर्मा, चन्द्रहास यादव , भारत यादव, रोशन साहू, आत्मा राम साहू , तुषार साहू , डोमन यादव, यशोदा नागर्ची सरपंच गिरौद, पूर्व सरपंच किरण साहू, पार्वती साहू, हेमलता साहू, श्रीमति दुर्गेश शर्मा, भगवती यादव , विद्या यादव, बोडरा कमरौद भरदा परसवानी मेघा गिरौद सौंगा 8 ग्राम पंचायत के राजीव युवा मितान क्लब के सदस्य सरपंच पंच सचिव गणमन्नीय नागरिक उपस्थित रहे.

