पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही:नशे के व्यापार में संलिप्त आरती रजक तीन महीने के लिए जेल निरुद्ध
पीट एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार तीसरी कार्यवाही

आरोपिया आरती रजक पति स्व राम रजक 50 वर्ष निवासी धोबी चौक, रामसागर पारा, धमतरी के विरुद्ध पीट एनडीपीएस प्रकरण में विधिवत कार्यवाही करते हुए न्यायालय आयुक्त सह निरुद्धकारिता अधिकारी रायपुर संभाग रायपुर द्वारा आदेश जारी किया गया।आदेशानुसार प्रकरण क्रमांक 07 बी-121 वर्ष 2024 में न्यायालय द्वारा जारी इष्टगाशा क्रमांक 535 दिनांक 09.09.2024 के तहत आरोपिया आरती रजक को स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ (अवैध व्यापार निवारण) अधिनियम 1988 की धारा 11 के अंतर्गत दिनांक 23.10. 2025 से 03 माह की अवधि के लिए रायपुर केंद्रीय जेल में निरुद्ध किए जाने का आदेश जारी किया गया है।थाना सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए आरोपिया को जेल भेजा गया।उल्लेखनीय है कि धमतरी पुलिस द्वारा इसके पूर्व भी उषा धुरी एवं करण धुरी के विरुद्ध दो प्रकरण पीट एनडीपीएस के तहत इसी प्रकार की कार्यवाही की जा चुकी है।
पीट एनडीपीएस की कार्यवाही क्यों की जाती है?
एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत सामान्य मामलों में तब कार्यवाही होती है जब किसी के पास नशीले पदार्थों की बरामदगी या अपराध सिद्ध होता है।लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो बार-बार इस तरह के अपराधों में शामिल पाए जाते हैं, या जो मादक पदार्थों की तस्करी में मुख्य भूमिका निभाते हैं,
परंतु जिनके विरुद्ध तत्काल अपराध सिद्ध कराना कठिन होता है।ऐसे मामलों में सरकार रोकथामात्मक कार्रवाई करती है जिसे ही पीट एनडीपीएस कहा जाता है।
पीट एनडीपीएस. एक्ट कार्यवाही का मुख्य उद्देश्य
बार-बार एनडीपीएस अपराधों में शामिल व्यक्तियों को अस्थायी रूप से समाज से अलग करना।मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ना।समाज में ड्रग्स व्यापार की रोकथाम करना।धमतरी पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के अवैध व्यापार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सतत अभियान चलाया जा रहा है तथा ऐसे अवैध कारोबारियों पर कठोर कानूनी कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी
