सरकार की मुनाफाखोरी की भूख और आर्थिक नाकामी के चलते महंगी बिजली बिल जनसमस्या बन चुकी है-शरद लोहाना

जिला कांग्रेस कमेटी क़े पूर्व अध्यक्ष शरद लोहाना ने कहा है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 400 यूनिट तक बिजली के दाम आधा किया था। कितनी भी खपत हो जनता को 400 यूनिट तक बिजली के दाम में छूट मिलती थी। साय सरकार ने योजना को बंद कर दिया. लगातार विरोध के बाद भाजपा सरकार ने 200 यूनिट तक बिजली के दाम में हाफ योजना लागू तो किया लेकिन वह भी तब ज़ब खपत 400 यूनिट से कम होगी। 400 यूनिट से ज्यादा खपत होने पर उपभोक्ताओं को 200 यूनिट हाफ योजना का लाभ नही मिलेगी और पूरा बिल लगेगा। यह जनता की कमाई पर सरकार की लूट है। शरद लोहाना ने आगे कहा है कि मात्र 200 यूनिट तक, बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ केवल 1 ही वर्ष के लिए किया गया है। कांग्रेस की सरकार ने जब हॉफ योजना लागू की थी, तब ऐसी कोई शर्त नहीं थी। भाजपा सरकार का दावा है कि इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। जबकि प्रदेश में कुल घरेलू बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 65 लाख से ज्यादा है। सरकार की मुनाफाखोरी की भूख और आर्थिक नाकामी के चलते महंगी बिजली बिल जनसमस्या बन चुकी है, हर वर्ग इससे परेशान है। भाजपा सरकार के पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर आम विद्युत उपभोक्ताओं को भरोसा नहीं है, पहले जो उपभोक्ता सरकार के झांसे में आकर सोलर सिस्टम लगवाएं हैं, उनके घर में भारी भरकम बिजली बिल आ रही है। बढ़े हुए बिजली बिल के कारण पूरे प्रदेश में आक्रोश और निराशा है उसके बाद भी यह सरकार बिजली के दामों में लूट जारी रखे हुए है आगे कहा कि 400 यूनिट हाफ योजना को बंद करना कहीं न कही यह भी संदेह पैदा करता है कि ये जो प्रधानमंत्री की सूर्य घर योजना है, जिसमें 90 प्रतिशत सोलर पैनल के विभिन्न उपकरण अडानी द्वारा उत्पादित होता है और अडानी के इसी सोलर पैनल को बेचने के लिए ही केन्द्र सरकार सब्सिडी दे रही है और राज्य सरकार ने भी सब्सिडी देना प्रारम्भकर दिया है। साथ ही महतारी वंदन योजना का जो 1000 रुपए की राशि महिलाओं को दी जा रही है, उसकी वसूली बिजली बिल बढ़ा कर व 400 यूनिट बिजली हाफ योजना बंद भी कि जा रही है।
