नये ट्रेड लायसेंस नियमो विरोध : धमतरी चेम्बर आफ कॉमर्स द्वारा कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन

धमतरी। धमतरी चेम्बर आफ कॉमर्स के नेतृत्व में आज व्यापारियों द्वारा कलेक्ट्रेट पहुंचकर नये ट्रेड लायसेंस के नियमो का विरोध करते हुए ज्ञापन सौंपा। बता दे कि जब से नये ट्रेड लायसेंस के नियम लाए गए है व्यापारी इसके लगातार विरोध कर रहे है। आखिरकार धमतरी चेम्बर आफ कॉमर्स के बैनर तले आज व्यापारियों ने इसके विरुद्ध ज्ञापन सौंपा। सबसे पहले व्यापारी मकई गार्डन के बाहर एकत्रित हुए फिर एक साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे फिर ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने कहा कि यदि नये ट्रेड लायसेंस नियमो पर विचार नहीं किये गये तो व्यापारी इसके आगे भी विरोध करते रहेंगे। व्यापारियों का कहना था कि स्थानीय व्यापार की स्थिति पहले से ही अत्यंत चुनौतीपूर्ण है। ऑनलाइन कंपनियों और बड़े कार्पोरेट नेटवर्क के कारण धमतरी का पारंपरिक बाजार लगभग 35 से 40 प्रतिशत तक सिमट गया है। मंदी की लगातार मार ने किराना, मेडिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, मनिहारी और कन्फेक्शनरी सहित लगभग हर व्यापारिक श्रेणी की स्थिति को बेहद कमजोर कर दिया है। चेंबर ने कहा कि सरकार की बार-बार बदलती नीतियां व्यापारियों को भ्रम और असुरक्षा की स्थिति में डाल रही हैं। पहले गुमाश्ता और ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त की गई थी, लेकिन नए आदेशों के तहत अब गुमटी से लेकर बड़े मॉल तक सभी व्यापारों पर ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है। धमतरी नगर निगम के मौजूदा टैक्स का उल्लेख करते हुए चेंबर ने बताया कि व्यापारी पहले ही संपत्ति कर, स्वच्छता शुल्क, नाली, जल निकासी शुल्क, बोर्ड टैक्स, विज्ञापन शुल्क, लोडिंग-अनलोडिंग शुल्क, फायर संबंधित शुल्क और व्यापारिक परिसर उपयोग शुल्क जैसे अनेक कर नियमित रूप से अदा करते हैं। ऐसे में नया ट्रेड लाइसेंस शुल्क, चेंबर के अनुसार, संपत्ति कर जैसा ही एक और टैक्स है, जो वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में व्यापारियों की कमर तोडऩे का कार्य करेगा। इस अवसर पर संरक्षक अर्जुन जसवानी, सुरेश माहवार, सुनील जैन, ज्ञानचंद लूनावत, प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश रोहरा, प्रदेश मंत्री आलोक पाण्डेय, जिला अध्यक्ष कैलाश कुकरेजा, संगठन प्रभारी प्रमोद पाण्डेय, सराफा एसोसिएशन अध्यक्ष ललित बरडिया एवं ओषधि विक्रेता संघ अध्यक्ष राजेश साहू शामिल रहे। इसके अतिरिक्त प्रमुख पदाधिकारियों में सुरेश वल्र्यानी, ललित माणिक, कन्हैया कामरानी, भूपेश अंबानी, महेश चावला, अमित अग्रवाल, पीयूष राठौर, रमेश दीवानी और रोशन बोधवानी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। साथ ही प्रवीण सकलेचा, शिशिर सेठिया, भगत देवांगन, मनोहर लालवानी, करण ददलानी, रमेश वल्र्यानी, अनिल दुग्गड, गिरधारी वाधवानी, शुभम आदि उपस्थित थे।