जैतखाम में श्वेत पत्ताका चढ़ाकर, पूजा अर्चना कर जिला जेल मे मनाई गई गुरु घासीदास जयंती
बंदियों द्वारा ली गई नशा नही करने, परिवार मित्र को भी नशा मुक्त कराने की शपथ

बाबा गुरु घासीदास जयंती के उपलक्ष्य में जिला जेल धमतरी में परिरूद्ध बंदियों के द्वारा जेल में स्थापित जैतखाम में श्वेत पत्ताका चढ़ाकर पूजा अर्चना करते हुए बाबा गुरु घासीदास के जीवन संदेश को पंथी नृत्य एवं गीत के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। जेल के बंदियों को प्रसाद वितरण किया गया एवं गुरु पर्व के अवसर पर विशेष आहर पुड़ी, सब्जी, हलुवा व खीर प्रदाय किया गया। बावा गुरु घासीदास की जयंती जेल में शांति पूर्वक हर्षोउल्लास से मनाया गया. जिला जेल धमतरी में 18 दिसम्बर को बाबा गुरु घासीदास जंयती को मद्रद्य निषेध दिवस का आयोजन किया गया। तद्नुसार जेल के अधिकारी,कर्मचारियों एवं बंदियों के द्वारा स्वयं नशा नही करने समुदाय, परिवार मित्र को भी नशा मुक्त कराने की शपथ लिया गया। जिसका उद्देश्य लोगों को शराब और अन्य नशीली दवाओं से दूर रहने और नशा मुक्ति के लिए प्रेरित किया गया। इसी परिपेक्ष्य में शपथ लेकर एन. के. डहरिया सहायक जेल अधीक्षक इस अवसर पर बंदियों को संबोधित करते हुए बाबा गुरु घासीदास के संदेश, सत्य अहिंसा, समानता और मानवता के मूल्यों पर चलने हेतु प्रेरित किया और नशा से मुक्त रहने का अह्वान किया। उन्होने बताया कि बाबाजी का संदेश मनखे मनखे एक बरोबर, समाज में समानता का संदेश देता है एवं अंधविश्वास, भेद-भाव व जातिवाद के खिलाफ सभी मानव को जागरूक रहने व सत्य की मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है.
