पूर्व जिलाध्यक्ष शरद लोहाना के सक्रिय कार्यकाल में राजीव भवन में रहती थी कार्यकर्ताओं की भीड़ व उत्साह का माहौल
कल जिला भाजपा कार्यालय घेराव के दौरान भी कई वरिष्ठ कांग्रेसियों की रही अनुपस्थिति
श्री लोहाना ने वरिष्ठो के अनुभव व युवाओं के जोश का बेहतर समन्वय कर कांग्रेस को पिरोया था एक सूत्र में

धमतरी। लगभग साढ़े 5 साल तक शरद लोहाना कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रहे इस दौरान कांग्रेस पक्ष व विपक्ष दोनो की भूमिका में रही। लेकिन पूरे कार्यकाल के दौरान राजीव भवन में कार्यकर्ताओं की भीड़ रोजाना लगती थी। कार्यकर्ताओं में एक अलग उत्साह नजर आता था, जो इन दिनों अपेक्षाकृत कम नजर आ रहा है।
उल्लेखनीय है कि श्री लोहाना रोजाना राजीव भवन पहुंचते थे, घंटो कार्यालय में समय देकर कार्यकर्ताओं से रुबरु होते थे। कार्यकर्ताओं को दिशा निर्देश देने के साथ ही विभिन्न आयोजनों की रुप रेखा बनाने कार्यकर्ताओं से चर्चा करते थे। श्री लोहाना ने वरिष्ठो के अनुभव व युवाओं के जोश का बेहतर समन्वय बनाकर कांग्रेस को एक सूत्र में पिरोया था। जिससे जिले में कांग्रेस काफी मजबूत हो पाई थी। लेकिन इन दिनों कांग्रेस में ऐसी स्थिति नजर नहीं आ रही है। धमतरी में राजीव भवन होने व जिला मुख्यालय के चलते आये दिन विविध आयोजन होते थे। सभी आयोजनों में श्री लोहाना बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते और कार्यकर्ताओं का नेतृत्व करते थे। लेकिन इन दिनों नेतृत्व की कमी नजर आ रही है। ये कांग्रेस के लिए भविष्य में नुकसानदायक साबित हो सकता है।
ज्ञात हो कि कल कांग्रेस संगठन द्वारा नेशनल हेराल्ड केस अदालत द्वारा रद्द किये जाने के पश्चात इस केस को भाजपा का षडय़ंत्र बताकर जिला भाजपा कार्यालय का घेराव किया गया। उक्त कार्यक्रम कई वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति रही। जो कि घेराव के दौरान कांग्रेसियों में ही चर्चा की विषय बना रहा। यदि ऐसे ही वृहद आयोजनों में भी वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने में जिला संगठन के बड़े नेता सफल नहीं हुए तो यह कांग्रेस के लिए घातक साबित हो सकता है। उक्त आयोजन के दौरान भी लोगो में चर्चा रही की पूर्व जिलाध्यक्ष शरद लोहाना के कार्यकाल में होने वाले आयोजनो में कांग्रेस के सभी वर्ग व विंग के संगठन के नेता स्वमेव ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराते थे, लेकिन वर्तमान में स्थिति इसके विपरित नजर आ रही है।